तमिलनाडु में एक रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी पर 'आतंकवादी' वाली टिप्पणी कर दी। अब BJP ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है। BJP का कहना है कि ये आचार संहिता का खुला उल्लंघन है और खड़गे को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
मंगलवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ एक 'मजबूत शिकायत' दर्ज कराई है। ये शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई 'आतंकवादी' वाली टिप्पणी को लेकर है। रिजिजू ने X (पहले ट्विटर) पर एक चिट्ठी भी पोस्ट की, जिस पर उनके अलावा BJP के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और नेता ओम पाठक के दस्तखत हैं। इस चिट्ठी में BJP ने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान खड़गे का दिया गया बयान आदर्श आचार संहिता (MCC) का खुला उल्लंघन है।
रिजिजू ने X पर लिखा, “हमने कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी के उस चौंकाने वाले और शर्मनाक बयान के खिलाफ एक मजबूत शिकायत दर्ज की है, जिसमें उन्होंने माननीय पीएम श्री @narendramodi जी को 'आतंकवादी' कहा है। यह सिर्फ अपमानजनक नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एक खतरनाक और अभूतपूर्व हमला है। यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। इस पर तत्काल कार्रवाई होनी ही चाहिए।”
BJP ने अपनी शिकायत में कहा है कि खड़गे का ये बयान डिजिटल और प्रिंट मीडिया में खूब फैल गया है। पार्टी का मानना है कि इससे चुनावी माहौल खराब हो सकता है और राजनीतिक बहस का स्तर गिरता है।
BJP का आरोप: ये आपराधिक मामला और चरित्र हनन है
BJP का कहना है कि 'देश के सबसे बड़े राजनीतिक नेता' को आतंकवादी कहना 'चरित्र हनन की पराकाष्ठा' है। पार्टी के मुताबिक, मुद्दों पर आधारित आलोचना से ये बहुत अलग और गलत है। चुनाव आयोग के नियमों के अलावा, BJP ने दलील दी है कि यह टिप्पणी भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत एक आपराधिक मामला भी है। पार्टी ने खासतौर पर धारा 175 (उम्मीदवार के चरित्र के बारे में झूठे बयान देना) और धारा 356(1) (मानहानि) का जिक्र किया है। BJP ने तर्क दिया कि 'आपराधिक-आतंकी शब्दावली' का इस्तेमाल वोटरों को डराकर और छवि खराब करके उनकी पसंद को प्रभावित करने की कोशिश है, न कि कानूनी तरीके से उन्हें अपनी बात मनवाने की।
BJP की मांग: खड़गे माफी मांगें, बयान हटाया जाए
आखिर में, BJP ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वो खड़गे को सार्वजनिक माफी मांगने और बयान वापस लेने का निर्देश दे। इसके अलावा, पार्टी ने ECI से यह भी अपील की है कि इस 'आपत्तिजनक बयान' को सभी सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का आदेश दिया जाए, ताकि चुनाव प्रचार के दौरान यह और न फैले।
खड़गे का वो विवादित बयान
यह पूरा मामला तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन शुरू हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) की हार के दौरान विपक्षी एकता का जिक्र करते हुए AIADMK पर BJP का साथ देने के लिए निशाना साधा। इसी दौरान उन्होंने पीएम मोदी को एक 'आतंकवादी' बताया जो 'समानता में विश्वास नहीं करते'।
खड़गे ने कहा, "मैं तमिलनाडु के लोगों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमें सांसद दिए, इसीलिए हम लड़ सके और बिल को हरा सके। यह पेरियार, डॉ. अंबेडकर, अन्नादुरई, महान कामराज और करुणानिधि की वैज्ञानिक सोच और आदर्शों की भूमि है। ये लोग महिला आरक्षण, न्याय, समानता और बंधुत्व के लिए खड़े हुए। मोदी इन सिद्धांतों के लिए नहीं हैं और एक और बात मैं बताना चाहता हूं कि ये AIADMK के लोग, जो खुद अन्नादुरई की फोटो लगाते हैं, वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं जो एक आतंकवादी हैं और जो समानता में विश्वास नहीं करते, उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती और ये लोग उनके साथ जा रहे हैं, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं, वे अन्नादुरई, कामराज, पेरियार और करुणानिधि और बाबासाहेब अंबेडकर के दर्शन को कमजोर कर रहे हैं। कांग्रेस-DMK गठबंधन कल्याण, समावेशी विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवा देना जारी रखेगा।"
विवाद के बाद खड़गे की सफाई
जब उनके शब्दों पर सवाल उठाए गए, तो खड़गे ने तुरंत अपना बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि उनका मतलब था कि पीएम अपने राजनीतिक विरोधियों को डरा-धमका रहे हैं। खड़गे ने कहा, "वह (पीएम मोदी) लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं... मेरे कहने का मतलब, मैं साफ कर दूं, यह है कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं। ED, I-T और CBI जैसी संस्थाएं उनके हाथ में हैं। वह परिसीमन को भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं।"


