तमिलनाडु में एक महिला ने देर रात चूहे मारने की दवा ऑर्डर की। लेकिन, ब्लिंकिट के डिलीवरी एजेंट ने सही समय पर समझदारी दिखाई। जब उसने अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया, तो उसकी खूब तारीफ हो रही है। 

तमिलनाडु से एक ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसने अपनी सूझबूझ से एक महिला की जान बचा ली। देर रात आए एक ऑर्डर पर एजेंट को थोड़ा शक हुआ, और इसी शक ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। बात ये है कि रात 10 बजे के बाद चेन्नई की एक महिला ने ब्लिंकिट पर 'चूहे मारने की दवा' ऑर्डर की। वैसे तो यह एक आम डिलीवरी जैसा ही था, लेकिन डिलीवरी एजेंट को कुछ गड़बड़ लगी। उसे यह बात अजीब लगी कि इतनी रात को कोई सिर्फ चूहे की दवा क्यों मंगवा रहा है।

ऑर्डर में चूहे मारने की दवा के तीन पैकेट थे। वह देर रात यह ऑर्डर लेकर बताए गए पते पर पहुंचा। लेकिन, जैसे ही महिला ने सामान लेने के लिए दरवाज़ा खोला, एजेंट का शक और गहरा हो गया। महिला की आंखें रोने की वजह से सूजी हुई थीं। उसके चेहरे पर एक अजीब सी उदासी देखकर राइडर के मन में खतरे की घंटी बज गई।

उसने महिला से बहुत नरमी से बात की। हालांकि महिला ने कहा कि उसके मन में कोई गलत ख्याल नहीं है, लेकिन राइडर को उसकी बातों पर यकीन नहीं हुआ। वह वहीं खड़ा रहा और बड़े प्यार और अपनेपन से उससे बात करने लगा। उसने महिला को समझाया, “ज़िंदगी बहुत कीमती है, मुश्किलें तो आती-जाती रहती हैं, कभी भी अपनी जान को खतरे में डालने वाला कोई फैसला मत लीजिए।”

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उस नौजवान ने महिला की मानसिक हालत को समझा और उसे दिलासा दिया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। आखिरकार, महिला ने उसकी बात मान ली और अपना ऑर्डर कैंसिल कर दिया, और एजेंट सामान वापस ले गया। जब उस डिलीवरी ड्राइवर ने खुद इंस्टाग्राम पर अपना यह अनुभव शेयर किया, तो यह कहानी पढ़कर सबकी आंखें नम हो गईं। सोशल मीडिया यूजर्स कह रहे हैं कि उस नौजवान ने यह समझा कि उसके सामने सिर्फ एक कस्टमर नहीं, बल्कि एक ऐसा इंसान है जिसे मदद की ज़रूरत है। यह घटना एक-दूसरे का ख्याल रखने की याद दिलाती है।