पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP की बढ़त के बीच नबन्ना सचिवालय समेत कई दफ्तरों में केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अहम सरकारी फाइलों को सुरक्षित रखना और उन्हें नष्ट होने से बचाना है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवालय नबन्ना के बाहर केंद्रीय बलों को तैनात कर दिया गया है। आधिकारिक तौर पर तो इसे सुरक्षा कारणों से उठाया गया कदम बताया जा रहा है, लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि यह तैनाती फाइलों को अंदर-बाहर जाने से रोकने के लिए की गई है। सिर्फ नबन्ना ही नहीं, राज्य के कई दूसरे अहम सरकारी दफ्तरों में भी केंद्रीय बलों को भेजा गया है।
महाकरण, विकास भवन, जल संपद भवन और खाद्य भवन जैसे दफ्तरों में केंद्रीय बलों की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) पहुंच गई है। इन सभी का मकसद एक ही है - सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित रखना।
दरअसल, विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया था कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो सारी पुरानी फाइलें खोली जाएंगी। माना जा रहा है कि इसी बयान को ध्यान में रखते हुए अब दस्तावेजों को बचाने की कोशिश हो रही है। नबन्ना राज्य की मुख्य प्रशासनिक इमारत है। बीजेपी को डर है कि कोई जरूरी फाइल गायब की जा सकती है। इसीलिए नतीजों के रुझान आते ही अहम सरकारी दफ्तरों में QRT भेज दी गई है। नबन्ना के चारों तरफ और अंदर आने-जाने के रास्तों पर केंद्रीय बलों के जवान तैनात हैं। यहां तक कि बिल्डिंग के अंदर भी फोर्स लगाई गई है, ताकि कोई भी जरूरी फाइल इधर-उधर न हो सके।
इस बीच, दोपहर में नबन्ना के सामने बीजेपी का झंडा भी लहराया गया। बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए। इसकी वजह है 15 साल बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन होना। बीजेपी दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है। बीजेपी 192 सीटों पर आगे है, जबकि तृणमूल 96 सीटों पर है। CPM+ISF 2 सीटों पर और कांग्रेस 1 सीट पर आगे चल रही है। हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी भी 2 सीटों पर आगे है।
