Chalo Delhi March: 'वोट चोरी' के आरोपों पर INDIA ब्लॉक आज दोपहर 1:30 बजे दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा। राहुल गांधी ने इसे लेकर युवाओं के खास अपील की है।
INDIA Bloc Supreme Court March: दिल्ली में आज, 12 अक्टूबर को एक बार फिर सियासी पारा हाई रहने वाला है। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विपक्ष (INDIA ब्लॉक) ने आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। कांग्रेस और बाकी विपक्षी पार्टियां सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने जा रही हैं, जिसे 'चलो दिल्ली- मार्च फॉर डेमोक्रेसी' (लोकतंत्र के लिए मार्च) नाम दिया गया है। विपक्ष का आरोप है कि वोटर लिस्ट में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। जानिए इस प्रदर्शन में क्या होने वाला है और क्या है पूरा मामला...
'चलो दिल्ली' मार्च को लेकर क्या है राहुल गांधी और विपक्ष का प्लान?
विपक्ष के तमाम बड़े नेता, कार्यकर्ता और समर्थक आज दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस (Connaught Place) और बाराखंभा रोड जंक्शन पर इकट्ठा होंगे। यहां से पूरा INDIA ब्लॉक एक साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ पैदल मार्च करेगा।
राहुल गांधी ने मार्च को लेकर क्या कहा?
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मार्च की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर होने वाला मार्च पार्टी, जाति, समुदाय, लिंग और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर किया जाएगा। उन्होंने युवाओं, विपक्षी दलों और सिविल सोसायटी से जुड़े लोगों से इसमें साथ आने की अपील की। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में ये आरोप भी लगाया कि दिल्ली में पिछले दिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ पुलिस और बीजेपी से जुड़े लोगों ने मारपीट की, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CJI का विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। उनका मकसद SIR और कथित 'वोट चोरी' से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJI कार्यालय ने सोमवार को मुलाकात की अपील को स्वीकार नहीं किया। इसकी वजह बताते हुए कहा गया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया के तहत पहले से लंबित है और इसकी सुनवाई करने वाली बेंच की अगुवाई खुद CJI कर रहे हैं। कार्यालय की ओर से ये भी बताया गया कि ऐसे मामले में प्रशासनिक मुलाकात के आधार पर निर्देश जारी नहीं किए जा सकते। सूत्रों के अनुसार, अगर राहुल गांधी और खरगे इस मामले में अपनी बात अदालत के सामने रखना चाहते हैं, तो वे याचिका दाखिल कर सकते हैं।
विपक्ष की मांगें क्या हैं?
- वोटर लिस्ट को अपडेट करने (SIR) के नाम पर जो कथित गड़बड़ियां हुई हैं, उसे तुरंत रोका जाए।
- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
- EVM की जगह फिर से पुराने तरीके यानी पेपर बैलेट से चुनाव कराए जाएं।
पिछले हफ्ते से चल रहा है हंगामा
पिछले मंगलवार से ही विपक्ष आक्रामक मोड में है। पहले चुनाव आयोग के बाहर मार्च निकाला गया, जहां पुलिस ने उन्हें रोका तो राहुल गांधी आकाशवाणी भवन के पास ही 8 घंटे तक धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद बुधवार और गुरुवार को भी विपक्षी सांसदों ने लंच मीटिंग की और जंतर-मंतर से लेकर राजघाट तक मार्च निकाला।


