Chhattisgarh Shock: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं। हादसे के कारणों की जांच जारी है और प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।
Chhattisgarh Boiler Explosion: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में अचानक हुए जोरदार धमाके ने कुछ ही पलों में कामकाज की सामान्य स्थिति को अफरा-तफरी में बदल दिया।
दोपहर 2 बजे हुआ धमाका, मच गई भगदड़
जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 2 बजे प्लांट के अंदर बॉयलर अचानक फट गया। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। मौके पर मौजूद मजदूरों के बीच चीख-पुकार मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस हादसे में करीब 30 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
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इलाज के दौरान 9 मजदूरों की मौत
पुलिस प्रशासन के अनुसार, घायलों में से 9 मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई है, जबकि कई अन्य की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है। जिले के एसपी प्रफुल ठाकुर ने मृतकों की पुष्टि की है।
राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे के बाद प्लांट परिसर में राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और स्थिति को संभालने में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, मलबे में अभी कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
क्या थी वजह? जांच के बाद होगा खुलासा
फिलहाल इस हादसे के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। शुरुआती तौर पर इसे तकनीकी खामी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा कैसे और किन परिस्थितियों में हुआ।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
घटना पर विष्णु देव साय ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या प्लांट में जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था? क्या मजदूरों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम थे? इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएंगे, लेकिन फिलहाल यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया है।
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