चीन में युवा अपने माता-पिता को पुरानी सोच, अंधविश्वास और छद्म विज्ञान से दूर करने के लिए एक नकली AI एक्सपर्ट का सहारा ले रहे हैं. 'मिस्टर झाओ' नाम का यह AI प्रोफेसर जबरन शादी जैसे मुद्दों पर लेख लिखकर माता-पिता के बीच अपनी विश्वसनीयता बना रहा है. यह अनोखा आइडिया अब दूसरे युवा भी अपना रहे हैं.
परिवार में पुरानी सोच और अंधविश्वास पर यकीन करने वाले माता-पिता को समझाने का एक अनोखा तरीका चीन के युवाओं ने निकाला है। कहानी ये है कि एक लड़की ने अपने माता-पिता को 'सही रास्ते' पर लाने के लिए एक नकली AI एक्सपर्ट ही बना डाला, जिस पर वे आंख मूंदकर भरोसा कर सकें।
'मिस्टर झाओ' समझाते हैं सारी बातें
सोशल मीडिया पर "लाओ झाओ जियांग दाओ ली" नाम से एक प्रोफाइल बनाया गया, जिसका मतलब है "मिस्टर झाओ बातें समझाते हैं"। देखते ही देखते सिर्फ दो महीने में इस प्रोफाइल के 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। इस अकाउंट का दावा है कि वो एक रिटायर्ड प्रोफेसर है, जिसने 30 साल से ज्यादा समय तक माता-पिता और बच्चों के रिश्तों पर रिसर्च की है। माता-पिता को यकीन दिलाने के लिए AI की मदद से नकली जानकारी और तस्वीरें भी इस्तेमाल की गईं, ताकि लगे कि यह प्रोफेसर वाकई कोई बड़ी हस्ती है और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुका है।
पुरानी सोच के खिलाफ जंग
इस अनोखे आइडिया के पीछे "shicaomeiweidemao" (शिकाओ मेइवेई देमाओ) नाम की एक यूजर है। उसका कहना है कि वह अपने माता-पिता से तंग आ चुकी थी, जो इंटरनेट पर फैली गलत जानकारी और जबरन शादी जैसी पुरानी सामाजिक कुरीतियों पर यकीन करते थे। बच्चे जब कोई बात कहते हैं तो मां-बाप अक्सर नहीं सुनते, लेकिन जब कोई 'एक्सपर्ट' वही बात कहता है तो फौरन मान लेते हैं। लड़की ने इसी साइकोलॉजी का फायदा उठाया।
AI ने की मदद
लड़की लेखों के टॉपिक खुद तय करती है, लेकिन उन्हें एक गंभीर शैली में लिखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेती है, ताकि वे बड़े-बुजुर्गों को पसंद आएं। यह अकाउंट हर दिन औसतन 4 से 7 लेख पोस्ट करता है। "अच्छे माता-पिता बच्चों को शादी के लिए क्यों मजबूर नहीं करते?" और "सरकारी नौकरी ही सब कुछ नहीं होती" जैसे विषयों पर लिखे गए लेख चीनी युवाओं के बीच खूब वायरल हो रहे हैं।
युवाओं ने दिया साथ
दूसरे युवा भी 'मिस्टर झाओ' को सपोर्ट करने के लिए आगे आ गए हैं। वे पोस्ट पर नकली कमेंट्स करते हैं, जैसे कि उन्होंने मिस्टर झाओ की क्लास अटेंड की है और उनकी वजह से उनके परिवार की समस्याएं सुलझ गईं। इससे माता-पिता की नजर में इस AI प्रोफेसर की विश्वसनीयता और बढ़ जाती है। यह मामला वायरल होने के बाद अब चीन में ऐसे कई और AI अकाउंट्स बनने लगे हैं।


