कॉकरोच जनता पार्टी 2 करोड़ इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के साथ रहस्य बनी हुई डिजिटल राजनीतिक लहर है। फाउंडर अभिजीत दीपके पर गिरफ्तारी का डर, माता-पिता की बेचैनी, CJI कॉकरोच टिप्पणी विवाद, सोशल मीडिया हैकिंग आरोप, ट्रेडमार्क आवेदन और बेरोजगारी-आक्रोश से जुड़ा वायरल राजनीतिक सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है।
छत्रपति संभाजीनगर: सोशल मीडिया के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा कोई बवंडर देखा गया हो। महज कुछ दिनों के भीतर एक अज्ञात डिजिटल प्लेटफॉर्म ने देश की सबसे बड़ी सियासी पार्टियों-बीजेपी (90 लाख) और कांग्रेस (1.34 करोड़)-को इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में पछाड़ते हुए 2 करोड़ का जादुई आंकड़ा छू लिया है। लेकिन इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके के घर में जश्न के बजाय खौफ का सन्नाटा पसरा हुआ है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले अभिजीत के माता-पिता पिछले दो रातों से सो नहीं पाए हैं। उन्हें डर है कि उनका बेटा जैसे ही भारत लौटेगा, उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

CJI का वो एक शब्द…जिसने बेरोजगार युवाओं को बना दिया 'जिद्दी झुंड'
इस पूरे विवाद की जड़ 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई से जुड़ी है। लाइव लॉ के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कथित तौर पर एक टिप्पणी करते हुए कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा 'कॉकरोच' की तरह भटक रहे हैं और सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर दूसरों पर हमले कर रहे हैं। हालांकि अगले ही दिन उन्होंने सफाई दी कि उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया गया, लेकिन तब तक तीर कमान से छूट चुका था। 16 मई की सुबह 11:33 बजे अमेरिका में पढ़ रहे 30 वर्षीय भारतीय छात्र अभिजीत दीपके ने इस अपमान को हथियार बनाते हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' की नींव रख दी, जो देखते ही देखते देश के करोड़ों नाराज और बेरोजगार युवाओं की आवाज बन गई।
X अकाउंट ब्लॉक, हैकिंग की साजिश और 'कॉकरोच इज बैक' का नारा
जैसे ही इस वर्चुअल पार्टी की लोकप्रियता ने आसमान छुआ, व्यवस्था की तरफ से कथित कार्रवाई भी शुरू हो गई। 21 मई को CJP का मुख्य X (ट्विटर) अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया, जिस पर करीब दो लाख फॉलोअर्स थे। लेकिन हार मानने के बजाय, बायो में "कॉकरोच डोंट डाय" (कॉकरोच मरते नहीं) लिखकर 'कॉकरोच इज बैक' नाम से नया अकाउंट बनाया गया, जिसने 24 घंटे में डेढ़ लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बटोर लिए। अभिजीत ने आरोप लगाया है कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को भी हैक करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं।
5 बड़े खौफनाक वादे: क्या है CJP का 'अल्ट्रा-लेजी' मैनिफेस्टो?
खुद को 'सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक और आलसी' बताने वाली इस डिजिटल पार्टी ने शामिल होने के लिए चार अजीब शर्तें रखी हैं—बेरोजगार, आलसी, लगातार ऑनलाइन रहने वाला और प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता रखने वाला। लेकिन इनका चुनावी घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) बेहद आक्रामक है:
- रिटायर चीफ जस्टिस को राज्यसभा भेजने जैसी "इनाम वाली राजनीति" पर पूरी तरह रोक।
- वैध वोट डिलीट करने पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ यूएपीए (UAPA) के तहत कार्रवाई।
- संसद और कैबिनेट में महिलाओं को सीधा 50% आरक्षण।
- अडाणी-अंबानी से जुड़े मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द करना और कथित 'गोदी मीडिया' एंकरों के बैंक खातों की जांच।
- दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने और पब्लिक ऑफिस होल्ड करने पर बैन।
“मशहूर लोगों को सरकार बंद कर देती है...” बूढ़े मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले और वर्तमान में बोस्टन यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से पब्लिक रिलेशन में मास्टर्स कर रहे अभिजीत पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रह चुके हैं। उनके पिता भगवान दीपके और मां अनीता ने रोते हुए मीडिया को बताया, "हम उसे राजनीति में नहीं भेजना चाहते थे। आज का माहौल देखकर डर लगना स्वाभाविक है। मशहूर होने वाले लोगों को अक्सर गिरफ्तार कर लिया जाता है।" अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की 'स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया रिपोर्ट-2026' के अनुसार देश में 40% ग्रेजुएट युवा बेरोजगार हैं। यही कारण है कि नीट (NEET) पेपर लीक और नौकरी से निकाले जाने से गुस्से में भरा देश का युवा इस अजीबोगरीब 'कॉकरोच ड्रेस' को पहनकर सड़कों पर उतर रहा है। यह आंदोलन अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सत्ता के लिए एक नया और अदृश्य सिरदर्द बन चुका है।


