बागलकोट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के उमेश मेटी ने बीजेपी के वीरन्ना चरंतिमठ को 22,867 वोटों से हराया। यह सीट एच.वाई. मेटी के निधन के कारण खाली हुई थी। मेटी ने शुरू से ही अपनी बढ़त बनाए रखी।

बागलकोट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार उमेश मेटी ने 22,867 वोटों के बड़े अंतर से शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वीरन्ना चरंतिमठ को हराया। वोटों की गिनती के हर राउंड में मेटी ने अपनी बढ़त बनाए रखी, जिससे उनकी जीत लगभग पहले ही पक्की हो गई थी। नतीजों की आहट मिलते ही कार्यकर्ताओं ने जो जश्न मनाना शुरू किया था, वो अब चरम पर है।

किसे कितने वोट मिले?

  • उमेश मेटी (कांग्रेस): 97,941 वोट
  • वीरन्ना चरंतिमठ (बीजेपी): 76,075 वोट
  • जीत का अंतर: 22,867 वोट

हर राउंड में मेटी आगे रहे

वोटों की गिनती शुरू होने के साथ ही कांग्रेस उम्मीदवार उमेश मेटी ने लगातार बढ़त बनाए रखी। हर राउंड के साथ उनकी लीड और भी बड़ी होती गई। काउंटिंग सेंटर के बाहर सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हो गए और उमेश मेटी की जीत के नारे लगाते हुए जश्न मना रहे हैं। उनके हाथों में पार्टी के झंडे और नेताओं की तस्वीरें थीं, और उनका जोश देखते ही बन रहा था।

क्यों हुआ उपचुनाव?

बागलकोट सीट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एच.वाई. मेटी के निधन के बाद खाली हो गई थी। इसी वजह से यहां 9 अप्रैल को उपचुनाव कराया गया। इस चुनाव में कांग्रेस के उमेश मेटी और बीजेपी के वीरन्ना चरंतिमठ समेत कुल 9 उम्मीदवार मैदान में थे।

टिकट के लिए परिवार में थी खींचतान

चुनाव से पहले, टिकट को लेकर मेटी परिवार के अंदर ही खींचतान देखने को मिली थी। मल्लिकार्जुन मेटी और उमेश मेटी के बीच टिकट के लिए मुकाबला था, जिससे कुछ मतभेद भी सामने आए। हालांकि, आखिर में पार्टी हाईकमान ने उमेश मेटी को ही अपना उम्मीदवार बनाया। वोटों की गिनती 14 टेबलों पर 23 राउंड में पूरी हुई, जिसमें कांग्रेस को साफ जीत मिली है। अब बस चुनाव आयोग की तरफ से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।