सीतापुर के थानगांव क्षेत्र के जंगल टपरी गांव में शनिवार देर रात घर के बाहर मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर मगरमच्छ को सुरक्षित घाघरा नदी में छोड़ दिया।

सीतापुर। रात का सन्नाटा था और गांव के लोग अपने घरों में सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच एक ग्रामीण जैसे ही लघुशंका के लिए घर से बाहर निकला, दरवाजे के पास उसे कुछ ऐसा दिखाई दिया कि उसके होश उड़ गए। घर के बाहर कोई आवारा जानवर नहीं, बल्कि एक मगरमच्छ बैठा था। मगरमच्छ को आबादी के बीच देखकर ग्रामीण ने शोर मचाया।

आवाज सुनकर आसपास के लोग भी घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामला सीतापुर के थानगांव थाना क्षेत्र की ग्राम सभा गोलोक कोंडर के मजरा जंगल टपरी का है, जहां शनिवार देर रात मगरमच्छ पहुंच गया था।

लघुशंका के लिए निकले ग्रामीण ने देखा मगरमच्छ

जानकारी के मुताबिक, जंगल टपरी निवासी नंदकिशोर पुत्र पुत्तीलाल शनिवार देर रात लघुशंका के लिए घर से बाहर निकले थे। जैसे ही उन्होंने दरवाजे के पास नजर डाली, वहां मगरमच्छ दिखाई दिया। घर के बिल्कुल नजदीक मगरमच्छ देखकर नंदकिशोर घबरा गए। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। आवाज सुनते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे। आबादी के बीच मगरमच्छ होने की खबर फैलते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया। लोग काफी सावधानी के साथ मौके से दूरी बनाकर खड़े रहे।

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ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को दी सूचना

स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल डायल-112 पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंची। डिप्टी रेंजर आदित्य सिंह चौहान के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। मगरमच्छ को पकड़ना आसान नहीं था, इसलिए टीम ने सावधानी के साथ काफी मशक्कत की। काफी प्रयास के बाद वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया।

रेस्क्यू के बाद घाघरा नदी में छोड़ा गया मगरमच्छ

मगरमच्छ के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद उसे आबादी से दूर ले जाया गया। वन विभाग की टीम ने बाद में मगरमच्छ को सुरक्षित घाघरा नदी में छोड़ दिया।

रेस्क्यू अभियान पूरा होने और मगरमच्छ के गांव से बाहर चले जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि, देर रात तक आबादी के बीच मगरमच्छ पहुंचने की घटना को लेकर लोगों में डर बना रहा।

नदी के आसपास के इलाकों में वन्यजीवों की हलचल से सावधानी जरूरी

बारिश के मौसम में नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। पानी का स्तर बढ़ने या जलक्षेत्र से वन्यजीवों के बाहर आने की स्थिति में उन्हें खुद पकड़ने या उनके करीब जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देना ज्यादा सुरक्षित तरीका है। खासकर मगरमच्छ जैसे जलीय जीव के मामले में भीड़ लगाकर उसे घेरना या छेड़ना खतरनाक हो सकता है।

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