दादरी में पत्नी की हत्या कर शव जलाने के आरोप में पति अनुज गिरफ्तार। मृतका के परिवार ने ₹3 करोड़ की संपत्ति के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने अनुज समेत 7 लोगों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
UP Crime News: दादरी में पुलिस ने पिछले हफ्ते एक 25 साल के युवक को अपनी पत्नी की हत्या करने और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को जलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान अनुज चौहान के रूप में की है, जिसने इसी साल फरवरी में 22 साल की मोनिका नागर से शादी की थी। अधिकारियों ने बताया कि 7 मई को एक सुनसान प्लॉट से मोनिका की आधी जली हुई लाश मिली थी। जांच में पता चला कि अनुज ने अपने माता-पिता और एक पड़ोसी के साथ मिलकर एक SUV में मोनिका के शव को रखा और फिर उसे गोबर के ढेर के नीचे रखकर आग लगा दी।

परिवार का आरोप- प्रॉपर्टी के लिए बना रहे थे दबाव
मोनिका के घरवालों ने उसके पति और ससुराल वालों पर मारपीट करने और करीब 3 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अपने नाम कराने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। उसकी मां रेनू नागर ने पुलिस को बताया कि हत्या वाले दिन मोनिका ने उन्हें फोन करके कहा था कि उसके साथ मारपीट हो रही है।
मोनिका के भाई ने भी बताया कि उसे मोनिका के फोन आए थे, जिसमें उसने कहा था कि उस पर परिवार की जमीन का हिस्सा देने के लिए दबाव डाला जा रहा है। रिश्तेदारों ने दावा किया कि उन्होंने उस शाम अनुज के घर के बाहर एक काली फॉर्च्यूनर में मोनिका के शव को रखते हुए देखा था।
शिकायत के बाद, पुलिस ने अनुज, उसके माता-पिता, छोटे भाई, चाचा, चाची और पड़ोसी करण रावल उर्फ कन्नू समेत सात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 103 (हत्या), 238 (सबूत मिटाना) और 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है। करण रावल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस की जांच और आरोपी का कबूलनामा
पुलिस ने बताया कि अनुज को एक खास ऑपरेशन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार किया गया। अपराध में इस्तेमाल की गई SUV भी जब्त कर ली गई है। पूछताछ के दौरान, अनुज ने माना कि मोनिका अपने मायके जाना चाहती थी, जिसे लेकर दोनों में बहस हुई थी।
उसने दावा किया कि बाद में परिवार वालों ने उसे बताया कि मोनिका ने फांसी लगा ली है और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसने आगे कहा कि गांव वालों ने शव को जलाने की सलाह दी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जलने की वजह से मौत का कारण साफ नहीं हो पाया, लेकिन फॉरेंसिक जांच के लिए विसरा के सैंपल सुरक्षित रख लिए गए हैं। जांचकर्ता अभी भी हत्या के मकसद का पता लगाने में जुटे हैं, जिसमें कथित प्रॉपर्टी विवाद और परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
