देहरादून में 25 फरवरी को एक कैफे में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हिमांशु नेगी पर नकाबपोशों ने हमला किया। हमलावरों ने बेल्ट और लात-घूंसों से पिटाई की। CCTV फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तराखंड के देहरादून में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर कुछ नकाबपोश हमलावरों ने एक कैफे के अंदर हमला कर दिया। यह घटना 25 फरवरी की रात करीब 10 बजे क्लेमेंट टाउन इलाके में हुई। पीड़ित हिमांशु नेगी उस वक्त एक टी-कैफे में बैठे हुए थे। शिकायत के मुताबिक, हमलावरों ने बेल्ट से उनकी पिटाई की और लात-घूंसों से भी मारा। यह पूरी वारदात कैफे में लगे CCTV में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पीड़ित की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पौड़ी श्रीनगर के रहने वाले हिमांशु नेगी ने पुलिस को बताया कि तीन नकाबपोश लोगों के साथ दो पहचाने गए आरोपी, सक्षम और साहिल, ने उन पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और लगातार पीटते रहे।
जब आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा होने लगे, तो हमलावर वहां से भाग गए। वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के बाद, क्लेमेंट टाउन पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी मोहन सिंह ने पुष्टि की कि सक्षम, साहिल और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि उनका पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं।
वायरल वीडियो पर लोगों का गुस्सा
हमले का CCTV फुटेज ऑनलाइन तेजी से फैल गया और लोगों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने पीड़ित के लिए समर्थन जताया और सख्त कार्रवाई की मांग की।
कई यूजर्स ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को टैग किया और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। कुछ कमेंट्स में पीड़ित की हमलावरों का विरोध करने के लिए तारीफ की गई, जबकि दूसरों ने बीच-बचाव न करने के लिए वहां मौजूद लोगों की आलोचना की।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। कुछ ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं और अधिकारियों से सामान्य प्रवर्तन उपायों से आगे बढ़कर कड़े कदम उठाने का आग्रह किया।
सार्वजनिक सुरक्षा पर चिंता
कई लोगों और नागरिकों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं रोजमर्रा की जगहों पर डर पैदा करती हैं। लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए तेजी से जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। अधिकारियों ने अभी तक हमले के पीछे का मकसद नहीं बताया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और मामले में प्रगति के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
