Delhi Malviya Nagar Fire Accident : दिल्ली अग्निकांड में क्या है नया खुलासा। होटल मालिक की वो क्या गलती, जो बनी 21 लोगों की मौत की वजह? आखिर किसके भरोसे छोड़ रखा था पूरा सिस्टम? फोन पर मिली थी चेतावनी, फिर भी क्यों नहीं बच सकीं 21 जानें?

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को साकेत के मैक्स हॉस्पिटल पहुंचीं। उन्होंने वहां मालवीय नगर आग हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके इलाज का जायजा लिया। आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली को दहला देने वाले इस अग्निकांड में 21 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इसी बीच होटल के मालिक की पूरी कहानी सामने आई है। जिस वक्त आग लगी थी, उस दौरान वो कहां था और क्या कर रहा था?

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चश्मदीद ने सुनाया अग्निकांड का सबसे डरावना पल

  • एक चश्मदीद, रियाजुद्दीन मंसूरी ने बताया कि कैसे उन्होंने बचाव अभियान में मदद की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने लोगों को आग से बचने के लिए बिल्डिंग से कूदते देखा, तो उन्होंने सड़क पर गद्दे बिछाकर कई जानें बचाईं। 
  • उन्होंने ANI को बताया, "मैंने अपनी दुकान से गद्दे निकालकर सड़क पर बिछा दिए और 8 लोगों की जान बचाई। हमने शवों को ढकने के लिए चादरें भी दीं। फायर ब्रिगेड समय पर आ गई थी। हमने 20 से ज़्यादा लोगों को बचाया।" 
  • एक और चश्मदीद, मोहम्मद वसीम खान ने बताया कि उन्होंने हालात की गंभीरता को देखकर होटल के मालिक को फोन किया था। मालिक ने कहा कि उसे घटना के बारे में पता है, लेकिन आग कितनी भयानक है, इसका अंदाज़ा नहीं था। 
  • उन्होंने कहा, "मैं सुबह 8:30 बजे मौके पर पहुंचा। मैंने देखा कि हालात बहुत खराब थे... मैंने 8:52 पर मालिक को फोन किया और 26 सेकंड बात की। मैंने उसे बताया कि बचने की उम्मीद बहुत कम है... हां, मालिक यहां आया था। 

होटल मालिक ने किए शाकिंग खुलासे

  • सूत्रों के मुताबिक, आरोपी लोकेश बजाज ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उसके पास होटल को व्यक्तिगत रूप से मैनेज करने या देखने का समय नहीं था। 
  • बजाज ने दावा किया कि उसने होटल के रोजमर्रा के कामकाज, जैसे बिलिंग, अकाउंट्स और पूरा मैनेजमेंट, "एक दूसरे व्यक्ति" को सौंप रखा था। 
  • उसने बजाज को भरोसा दिलाया था कि इस तरह के इंतजाम "आम बात" हैं और "दिल्ली में सब चलता है।" 
    पूछताछ के दौरान बजाज ने यह भी कबूल किया कि होटल के पास फायर डिपार्टमेंट का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं था।