दिल्ली में रातभर की भारी बारिश ने तबाही मचा दी। सड़कें दरिया बन गईं, रोहिणी में इमारत ढहने से 3 की मौत हुई। IMD का रेड अलर्ट जारी है। जानिए किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ा।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके पड़ोसी इलाकों में रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने ऐसा तांडव मचाया है कि देश का दिल पूरी तरह ठप हो गया है। आसमान से बरसी इस आफत ने दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह बेअसर कर दिया, जिससे आलीशान कॉलोनियों से लेकर मुख्य हाईवे तक समंदर में तब्दील हो गए। इस मानसून की सबसे खतरनाक बारिश के बीच रोहिणी इलाके से एक बेहद दर्दनाक और डरावना हादसा सामने आया है, जहां एक इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मौसम विभाग (IMD) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए राजधानी में 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया है।

आधी रात का खौफ: रोहिणी में ढही चार मंजिला इमारत, मलबे में दबी जिंदगियां
इस भारी बारिश के बीच सबसे दिल दहला देने वाला और खौफनाक हादसा दिल्ली के रोहिणी इलाके में हुआ। रात के अंधेरे और लगातार हो रही तेज़ बारिश के थपेड़ों को एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत बर्दाश्त नहीं कर सकी। आधी रात को अचानक यह विशालकाय इमारत भरभराकर जमींदोज हो गई। मलबे के गिरते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस मलबे की चपेट में आने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने दिल्ली में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भारी बारिश के बीच उनके सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


सड़कें या नदियां? घुटने तक पानी में रेंगती गाड़ियां और ठप पड़ी दिल्ली
गुरुवार सुबह जब दिल्लीवालों की आंख खुली, तो नजारा किसी डरावने सपने जैसा था। सदर बाजार, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, नासिरपुर, तेलीवाड़ा, मुनिरका और द्वारका जैसे इलाकों में सड़कें पूरी तरह गायब हो चुकी थीं और उनकी जगह मटमैले पानी की नदियां बह रही थीं। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग ने महज 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 72.6 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि लोधी रोड पर यह आंकड़ा 80.2 मिमी तक पहुंच गया। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और धौला कुआं जैसे व्यस्त रास्तों पर कारें और बसें पानी में आधी डूबी नजर आईं। दफ्तर जाने वाले लोग घुटने तक भरे पानी में पैदल चलने को मजबूर थे, और कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण सुबह की भीड़भाड़ कई किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम में बदल गई।

कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित?
भारी बारिश का असर राजधानी के लगभग हर हिस्से में देखने को मिला। सदर बाजार, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, नासिरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर, कुशक रोड, मुनिरका, द्वारका, विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास बड़े पैमाने पर जलभराव की स्थिति रही। दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और धौला कुआं, महिपालपुर तथा रजोकरी के पास नेशनल हाईवे-48 पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कम दृश्यता और पानी भरी सड़कों ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।

इस्कॉन मंदिर के पास उखड़े विशालकाय पेड़, गुरुग्राम हाईवे पर लगा लंबा जाम
इस आसमानी आफत का असर सिर्फ पानी भरने तक सीमित नहीं रहा। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण राजधानी के कई हिस्सों में विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। ईस्ट ऑफ कैलाश में प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर के पास और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर दो बड़े पेड़ गिरने से मुख्य रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया। इस तबाही का असर पड़ोसी शहर गुरुग्राम (साइबर सिटी) में भी साफ देखने को मिला। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर, बसई और सोहना रोड के पास सैकड़ों गाड़ियां जलभराव के कारण बीच सड़क पर ही बंद हो गईं, जिससे दिल्ली-NCR को जोड़ने वाले इस मुख्य हाईवे पर गाड़ियों का मीलों लंबा रेला लग गया।

IMD का रेड अलर्ट, अभी और बरसेगा आसमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में 24 घंटे के दौरान 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड पर 80.2 मिमी, रिज में 77.8 मिमी, पालम में 63 मिमी और अयानगर में 57.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून ट्रफ उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी की तरफ खिसकने के कारण राजधानी में भारी बारिश का दौर जारी है। जब तक यह सिस्टम आगे नहीं बढ़ता, तब तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी।

बारिश ने दी राहत भी, हवा रही 'संतोषजनक'
एक ओर जहां बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं दूसरी ओर राजधानी की हवा साफ हो गई। गुरुवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 61 दर्ज किया गया, जो "संतोषजनक" श्रेणी में आता है। फिलहाल प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे जलभराव वाले इलाकों से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और अत्यधिक जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। आने वाले घंटों में मौसम का मिजाज और बिगड़ सकता है, इसलिए राजधानी में सतर्कता बेहद जरूरी है।

हिमालय की तलहटी का वो 'वेदर सिस्टम' और AQI का हैरान करने वाला आंकड़ा
आखिर अचानक दिल्ली में इतनी प्रलयंकारी बारिश क्यों शुरू हो गई? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों के मुताबिक, इसके पीछे एक बड़ा मौसमी कारण है। दरअसल, मॉनसून ट्रफ़ (Monsoon Trough) उत्तर की ओर खिसककर हिमालय की तलहटी की तरफ बढ़ गया है, जिसके चलते दिल्ली-NCR के ऊपर बादलों का भारी जमावड़ा हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक यह सिस्टम पूरी तरह उत्तर की ओर नहीं निकल जाता, तब तक दिल्ली में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। इस भयंकर तबाही के बीच दिल्लीवालों के लिए सिर्फ एक राहत की खबर रही। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हवा में मौजूद प्रदूषण पूरी तरह धुल गया, जिससे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सुधरकर 61 (संतोषजनक श्रेणी) पर पहुंच गया। फिलहाल, नगर निगम और आपातकालीन टीमें सड़कों से पेड़ हटाने और पानी निकालने के काम में युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।


