क्या सिर्फ बाइक पार्किंग का विवाद एक महिला की हत्या तक पहुंच गया? पड़ोसियों के बीच ऐसा क्या हुआ कि आरती और विक्की पर चाकुओं से हमला कर दिया गया? क्या इस खूनी वारदात के पीछे केवल पार्किंग झगड़ा था या कोई पुरानी रंजिश भी छिपी है? एक आरोपी गिरफ्तार, लेकिन फरार नाबालिग क्या इस सनसनीखेज दिल्ली मर्डर केस का बड़ा राज जानता है?

Delhi Murder Case: देश की राजधानी दिल्ली से एक बार फिर रोड रेज और आपसी रंजिश का ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली का बिंदापुर इलाका शनिवार दोपहर गोलियों की गड़गड़ाहट से तो नहीं, लेकिन चाकू की चीखों से दहल उठा। महज एक मोटरसाइकिल को पार्क करने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में एक हंसते-खेलते परिवार की तबाही का सबब बन गया। इस खूनी झड़प में 32 वर्षीय महिला आरती की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसका पति विक्की जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

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दोपहर 2:50 बजे का वो खौफनाक फोन: जब पुलिस कंट्रोल रूम में गूंजी चीख

शनिवार की दोपहर आम दिनों की तरह ही बीत रही थी, लेकिन बिंदापुर पुलिस स्टेशन में दोपहर ठीक 2:50 बजे आई एक कॉल ने पुलिसकर्मियों के होश उड़ा दिए। फोन की दूसरी तरफ एक बेबस और डरा हुआ पिता था। उसने कांपती आवाज में पुलिस को बताया, "साहब, दो-तीन लड़कों ने मेरी बेटी और दामाद के पेट में चाकू मार दिया है... वे खून से लथपथ पड़े हैं, जल्दी आइए!" सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना वक्त गंवाए मौके के लिए रवाना हुई। लेकिन जब तक खाकी वर्दी घटनास्थल पर पहुंचती, जमीन पर बिखरा खून और वहां मची चीख-पुकार गवाही दे रही थी कि वारदात कितनी खौफनाक थी। स्थानीय लोग और परिजन आनन-फानन में दोनों घायलों को लेकर दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल भाग चुके थे।

अस्पताल का वो सन्नाटा: डॉक्टरों ने हाथ खड़े किए, एक उजड़ गया संसार

दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की टीम ने घायलों को बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने जांच के बाद 32 वर्षीय आरती को मृत घोषित कर दिया। चाकू के वार इतने गहरे थे कि अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसने रास्ते में या अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया था। वहीं, आरती के पति विक्की की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उसके पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू के गंभीर घाव थे। डीडीयू अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे तुरंत सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। विक्की इस समय आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

महज पड़ोसी या आस्तीन के सांप? 'पप्पू' और उस नाबालिग की खूनी साजिश

पुलिस की शुरुआती जांच में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला था। विक्की और आरती का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने सड़क पर अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की थी। इसी पार्किंग को लेकर उनके पड़ोसियों से कहासुनी हो गई। तू-तू, मैं-मैं से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते इस कदर बढ़ा कि पड़ोसियों के सिर पर खून सवार हो गया।

पार्किंग से शुरू हुई बहस कैसे बनी हत्या की वजह?

पड़ोस में ही रहने वाले 40 वर्षीय पप्पू और उसके साथ मौजूद एक नाबालिग ने आव देखा न ताव, सीधे धारदार चाकू निकालकर दंपति पर हमला बोल दिया। उन्होंने बेरहमी से दोनों के पेट में कई वार किए। पुलिस ने मुख्य आरोपी पप्पू को तो हिरासत में ले लिया है, लेकिन वारदात में शामिल नाबालिग आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। मामूली पार्किंग विवाद में अपनों के ही हाथों एक जान चले जाना, इस बात का सबूत है कि समाज में असहिष्णुता किस कदर हावी हो चुकी है।