Delhi Mein Heavy Rain: दिल्ली-एनसीआर में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से अचानक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई है। सैटेलाइट तस्वीरों में उत्तर भारत के ऊपर घने बादल दिखे हैं, जिसके बाद IMD ने अलर्ट जारी किया है।

Delhi NCR Mausam Update: सोमवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के लोगों की नींद भारी बारिश और घने बादलों के साथ खुली। रविवार देर रात तेज हवाओं और बौछारों ने मौसम का मिजाज अचानक बदल दिया। देश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बावजूद दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में रुक-रुक कर भारी बारिश हुई। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में सोमवार सुबह 5:30 बजे तक 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी है।

दिल्ली-एनसीआर में 'रेड अलर्ट': राजधानी में इतनी भारी बारिश क्यों?

इस बेमौसम बारिश की सबसे बड़ी वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है। यह एक ऐसा वेदर सिस्टम है जो पश्चिम से पूर्व की तरफ बढ़ता है और अक्सर उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, आंधी और कभी-कभी ओले लेकर आता है। IMD की 11 अक्टूबर की एडवाइजरी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बना हुआ था। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही थी। वहीं, एक अन्य सिस्टम मध्य पाकिस्तान के ऊपर बने सर्कुलेशन को उत्तरी मध्य प्रदेश के इलाकों से जोड़ रहा था।

Scroll to load tweet…

इन मौसमी बदलावों की वजह से हवा तेजी से ऊपर उठती है। जब हवा में पर्याप्त नमी और अस्थिरता होती है, तो यह ऊपर उठती हवा घने बादल बनाती है, जिससे आंधी और भारी बारिश होती है। हरियाणा के ऊपर फैले बादलों के बैंड ने भी मैदानी इलाकों में मौसम को बिगाड़ने का काम किया। जैसे-जैसे ये बादल आगे बढ़ते हैं, दिल्ली-एनसीआर में बारिश का असर अलग-अलग दिख सकता है। कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, तो कहीं हल्की या रुक-रुक कर बौछारें पड़ सकती हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा?

INSAT-3DS सैटेलाइट ने सोमवार सुबह 8.30 से 8.57 बजे के बीच थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरें लीं। इन तस्वीरों में उत्तर भारत के ऊपर बादलों का एक बड़ा और घना जमावड़ा साफ नजर आया। बादलों का यह चौड़ा बैंड हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों से लेकर उससे सटे मैदानी इलाकों तक फैला हुआ था।

Scroll to load tweet…

आमतौर पर, थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीर में जो बादल ज्यादा ठंडे होते हैं, वे चमकीले सफेद धब्बों के रूप में दिखते हैं। ये बादल काफी ऊंचे और गहरे हो सकते हैं, जो अक्सर तेज आंधी-तूफान लाते हैं। हालांकि, इन तस्वीरों से यह पता नहीं चलता कि किसी खास जगह पर कितनी बारिश हुई या जमीन पर बारिश की रफ्तार क्या थी। बारिश वाले ये बादल दिल्ली-एनसीआर तक फैले हुए थे। यह उसी एक्टिव वेदर सिस्टम का हिस्सा था, जो उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम को प्रभावित कर रहा था।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के लिए IMD का पूर्वानुमान

IMD ने सोमवार सुबह दिल्ली के लिए भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की थी। इसके साथ ही, आसपास के हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था।

हालांकि, सोमवार की बारिश का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि दिल्ली-एनसीआर में पूरे हफ्ते बारिश होगी। बारिश कितनी देर और कितनी तेज होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बाकी मौसमी सिस्टम किस तरह आगे बढ़ते हैं या कमजोर पड़ते हैं।

जब तक यह सिस्टम एक्टिव है, तब तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है और अलग-अलग इलाकों में मौसम का हाल अलग हो सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे आंधी, तेज हवाओं और भारी बारिश की जानकारी के लिए IMD के लेटेस्ट अलर्ट और पूर्वानुमान पर नजर रखें। भारी बारिश के दौरान जलभराव, ट्रैफिक जाम और विजिबिलिटी कम होने जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।