UP RERA Home Buyers Advisory: दिल्ली-NCR में फ्लैट खरीदने से पहले UP-RERA की जरूरी सलाह जान लें। बुकिंग या किस्त का पैसा जमा करने से पहले बिल्डर के अधिकृत कलेक्शन अकाउंट को वेरिफाई करें।

दिल्ली-NCR में फ्लैट खरीदने के लिए अपनी जमा-पूंजी लगाने जा रहे हैं, तो बिल्डर को पेमेंट करने से पहले एक जरूरी जांच जरूर कर लें। कई बार घर खरीदने की जल्दबाजी में खरीदार बैंक खाते की जानकारी को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आर्थिक नुकसान की वजह बन सकती है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (UP-RERA) ने घर खरीदारों को सलाह दी है कि फ्लैट की बुकिंग या किस्त का भुगतान केवल संबंधित प्रोजेक्ट के अधिकृत कलेक्शन अकाउंट में ही करें।

फ्लैट की बुकिंग से पहले बैंक अकाउंट करें वेरिफाई

UP-RERA के मुताबिक, किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में बुकिंग राशि या किस्त जमा करने से पहले उसके अधिकृत कलेक्शन अकाउंट की जानकारी आधिकारिक RERA पोर्टल पर जांचनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि पैसा सही खाते में जा रहा है।

खरीदारों को सिर्फ बिल्डर की ओर से भेजे गए मैसेज, ईमेल या भुगतान संबंधी निर्देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। बैंक खाते की जानकारी का आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलान करना जरूरी है।

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बिल्डर दूसरे खाते में पैसे मांगे तो क्या करें?

प्राधिकरण ने आगाह किया है कि अगर कोई बिल्डर या प्रमोटर अधिकृत कलेक्शन अकाउंट के बजाय किसी दूसरे बैंक खाते में रकम जमा करने के लिए कहता है, तो खरीदार सतर्क हो जाएं। ऐसे भुगतान में आर्थिक नुकसान का जोखिम हो सकता है। अगर आप पर किसी दूसरे खाते में पैसा भेजने का दबाव बनाया जा रहा है, तो भुगतान करने से पहले मामले की पुष्टि करें और जरूरत पड़ने पर UP-RERA में शिकायत दर्ज कराएं।

घर खरीदारों के लिए UP-RERA की 3 जरूरी सलाह

UP-RERA के अध्यक्ष संजय भूस रेड्डी ने खरीदारों को तीन प्रमुख सावधानियां बरतने की सलाह दी है:अधिकृत खाते में भुगतान: बुकिंग और किस्त की रकम संबंधित प्रोजेक्ट के अधिकृत कलेक्शन अकाउंट में ही जमा करें।

  1. अधिकृत खाते में भुगतान: बुकिंग और किस्त की रकम संबंधित प्रोजेक्ट के अधिकृत कलेक्शन अकाउंट में ही जमा करें।
  2. पहले करें वेरिफिकेशन: भुगतान से पहले आधिकारिक RERA पोर्टल पर खाते की जानकारी जांचें।
  3. गलत खाते की शिकायत: दूसरे खाते में पैसे जमा करने का दबाव पड़े तो प्राधिकरण से शिकायत करें।

घर खरीदना जीवन का बड़ा आर्थिक फैसला है। इसलिए भुगतान की रसीद, बैंक ट्रांजैक्शन और बिल्डर के निर्देशों का रिकॉर्ड संभालकर रखें।

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