Delhi-Varanasi High Speed Rail: दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट में पूरा करने की योजना है। जानें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी समेत 7 प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की पूरी जानकारी।
दिल्ली से वाराणसी जाने के लिए अभी यात्रियों को ट्रेन में कई घंटे बिताने पड़ते हैं, लेकिन भविष्य में यही सफर महज 3 घंटे 50 मिनट में पूरा करने की योजना है। केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित सात प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में उत्तर प्रदेश से जुड़े दो अहम रूट शामिल हैं। इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर प्रमुख हैं। हालांकि, ये अभी प्रस्तावित परियोजनाएं हैं और इनके शुरू होने की निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है।
Delhi-Varanasi High Speed Rail: 3 घंटे 50 मिनट में पहुंचेंगे बनारस
दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का लक्ष्य दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटाकर करीब 3 घंटे 50 मिनट करना है। इससे वाराणसी जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों, कारोबारियों और कामकाजी यात्रियों को भविष्य में फायदा मिल सकता है।
यह कनेक्टिविटी दिल्ली-एनसीआर और पूर्वांचल के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी गति दे सकती है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय और स्टेशनों की जानकारी परियोजना की विस्तृत योजना सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह भी पढ़ें: यकीन नहीं होगा! दिल्ली जैसी जगह में सिर्फ ₹15 लाख में फ्लैट, DDA की नई स्कीम कल से लाइव
वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर: पटना के रास्ते 2 घंटे 55 मिनट का सफर
दूसरा अहम रूट वाराणसी से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित है। योजना के मुताबिक, पटना के रास्ते यह यात्रा करीब 2 घंटे 55 मिनट में पूरी हो सकती है। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच तेज कनेक्टिविटी विकसित करने में मदद मिल सकती है।
धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा और कारोबार के लिए इन राज्यों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, स्टेशनों, निर्माण कार्यक्रम और परिचालन की समयसीमा पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
मुंबई-पुणे से चेन्नई-बेंगलुरु तक 5 और कॉरिडोर
सात प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में पांच अन्य रूट भी शामिल हैं। इनके लिए बताए गए संभावित यात्रा समय इस प्रकार हैं:
- मुंबई-पुणे: करीब 48 मिनट
- पुणे-हैदराबाद: करीब 1 घंटा 55 मिनट
- हैदराबाद-बेंगलुरु: करीब 2 घंटे
- हैदराबाद-चेन्नई: करीब 2 घंटे 55 मिनट
- चेन्नई-बेंगलुरु: करीब 1 घंटा 13 मिनट
इन कॉरिडोर का उद्देश्य प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक शहरों के बीच यात्रा का समय कम करना है। भारत में स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन निर्माण पर भी काम हो रहा है। BEML की ओर से दो हाई-स्पीड ट्रेनों के 2027 की पहली छमाही में परीक्षण के लिए तैयार होने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, प्रस्तावित कॉरिडोर और इन ट्रेनों की वास्तविक समयसीमा अलग-अलग परियोजनाओं पर निर्भर करेगी।
यह भी पढ़ें: नाराज अजय राय को मनाने के लिए कांग्रेस देगी यह बड़ा पद? या BJP में होगी घर वापसी!
