दिल्ली के पीरागढ़ी में कार से तीन शव मिलने का मामला हत्या निकला। आरोपी बाबा कमरुद्दीन ने ‘धनवर्षा’ का झांसा देकर जहर मिले लड्डू खिलाए और 2 लाख रुपये लूटकर फरार हो गया। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Delhi Triple Murder Mystery: खुद को बाबा बताने वाले एक शख्स ने ‘धनवर्षा’ का लालच दिखाकर तीन लोगों को मौत की नींद सुला दिया। बीते रविवार को दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में फ्लाईओवर के पास खड़ी एक गाड़ी में तीनों लाशें मिलीं। शुरू में यह सुसाइड का मामला लग रहा था क्योंकि कोई बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं थे और पुलिस को जहर के निशान वाली एक प्लास्टिक की बोतल और कुछ गिलास मिले थे। लेकिन इस मामले में बाबा की गिरफ्तारी के बाद सारी परतें खुल गईं।

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कौन है आरोपी बाबा कमरुद्दीन?

आरोपी बाबा की पहचान उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले कमरुद्दीन के तौर पर हुई है, जो गाजियाबाद के लोनी में एक 'तांत्रिक सेंटर' चलाता था। पुलिस ने कहा कि उसने कथित तौर पर पैसे कमाने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत तीनों की हत्या कर दी। उसने पीड़ितों को तांत्रिक रस्मों के जरिए धनवर्षा के जाल में फंसाया।

तीनों मृतक कौन?

रविवार को, राहगीरों ने पुलिस को दोपहर करीब 3:50 बजे एक खड़ी सफेद टिगोर कार के अंदर तीन लोगों के बेहोश पड़े होने की जानकारी दी। कार 76 साल के रणधीर की थी, जो ड्राइवर सीट पर मरे हुए मिले और 47 साल के प्रॉपर्टी डीलर शिव नरेश आगे की सीट पर थे। 40 साल की लक्ष्मी नाम की महिला कार की पिछली सीट पर मरी हुई मिली। जांच करने वालों ने बताया था कि दोनों आदमी बापरोला गांव के रहने वाले थे और एक-दूसरे को जानते थे। लेकिन वे उन्हें उस औरत से नहीं जोड़ पाए थे, जो बाद में जहांगीरपुरी की रहने वाली निकली और वेस्ट दिल्ली में केयरगिवर का काम करती थी। पुलिस ने कहा कि वह 47 साल के प्रॉपर्टी डीलर शिव नरेश को जानती थी।

जांच और बाबा की गिरफ्तारी

पुलिस ने कहा कि जैसे ही मामले की जांच शुरू हुई, पुलिस ने कमरुद्दीन समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी की जांच के दौरान शराब-कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, खाली गिलास, मोबाइल फोन, कैश, हेलमेट, जैकेट, आधार कार्ड, निजी सामान और दूसरे कई डॉक्यूमेंट्स मिले। जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि तीनों घटना से एक दिन पहले लोनी गए थे और वे कमरुद्दीन के लगातार कॉन्टैक्ट में थे, जो लोनी से कार में उनके साथ था और उसने कार को पीराग्रही फ्लाईओवर के पास छोड़ दिया, जहां रविवार को तीनों मरे हुए मिले।

लड्डू में मिला रखा था जहर

कमरुद्दीन ने तांत्रिक रस्मों के जरिए अचानक होने वाली धनवर्षा के बहाने तीनों को फुसलाया था। पुलिस ने कहा, वह पीड़ितों का भरोसा जीतता था, उन्हें मेंटली प्रभावित करता था। पता चला कि लक्ष्मी को कमरुद्दीन से सलीम नाम के एक आदमी ने मिलवाया था, जो जंगीरपुरी का रहने वाला है और लक्ष्मी ने बदले में नरेश और रणधीर को बाबा से मिलवाया। पुलिस के मुताबिक, उसने उन्हें धनवर्षा के लिए पूजा करने के लिए मनाया और उनसे शराब और कोल्ड ड्रिंक्स के साथ 2 लाख रुपये कैश लाने को कहा। अपना जुर्म कबूल करते हुए कमरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उसने जहर मिले लड्डू बनाए और तीनों को कार में ले गया और उन्हें शराब, कोल्ड ड्रिंक के साथ लड्डू खिलाए। जब तीनों बेहोश हो गए, तो उसने कैश छीन लिया और गाड़ी छोड़ भाग गया।