Dharmendra Pradhan Resignation Social Media Reactions: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और वायरल रिएक्शंस की बाढ़ आ गई। X, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रेंड कर रहे मजेदार पोस्ट देखें।
Dharmendra Pradhan Resignation Viral Reactions: नीट यूजी पेपर लीक को लेकर CJP के दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि CJP के प्रोटेस्ट में लाखों छात्र शामिल हुए थे। प्रोटेस्ट की आग दिल्ली तक नहीं रही बल्कि मुबई, बिहार, झारखंड समेत पूरे देश में फैल गई थी। अब जबकि धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर रिएक्शंस, रील्स और मीम्स की जैसे बाढ़ आ गई है। देखें-
इस वीडियो में कॉकरोच जनता पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके को फोन पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलने के बाद उनका रिएक्शन देखा जा सकता है। धरना स्थल पर मौजूद हजारों छात्र खबर के बाद खुशी से चिल्लाने लगे। वहीं अभिजीत दीपके ने नीट यूजी पेपर लीक, री एग्जाम जैसे कारणों से जान गंवाने वाले छात्रों का नाम लेकर और पोस्टर दिखाते हुए कहा कि आज इन्हें इंसाफ मिल गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राहुल गांधी बोले-शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राहुल गांधी का भी रिएक्शन सामने आ गया है, उन्होंने X.Com पर पोस्ट कर कहा- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है। सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
अभिजीत दीपके की मां ने कहा-बेटे पर गर्व है
छत्रपति संभाजीनगर में CJP के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर बहुत गर्व है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान अभिजीत के साथ मारपीट हुई, जिससे पूरा परिवार बेहद परेशान रहा और कई रातों तक उन्हें नींद नहीं आई। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में अभिजीत ने जो हासिल किया है, वह गर्व की बात है।
अभिनेत्री आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने भी इंस्टाग्राम पोस्ट करते हुए लिखा- आज शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि जब छात्र एकजुट होकर अपनी आवाज उठाते हैं, तो बदलाव संभव होता है। लेकिन यह सिर्फ एक इस्तीफे की बात नहीं, बल्कि छात्रों के हक, निष्पक्ष व्यवस्था और पारदर्शिता की लड़ाई है। सभी छात्रों ने जो हिम्मत, धैर्य और एकता दिखाई है, वह काबिल-ए-तारीफ है। उम्मीद है कि यह आंदोलन हमेशा निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए ही आगे बढ़ेगा। मजबूत रहिए, सुरक्षित रहिए। हम आपके साथ हैं।


