डोनाल्ड ट्रंप ने होरमुज़ में फंसे जहाजों के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा की है। उन्होंने ईरान की 14-सूत्रीय मांगों को खारिज कर दिया है, लेकिन सकारात्मक बातचीत का दावा भी किया। ट्रंप ने बातचीत विफल होने पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है।

वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होरमुज़ जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों और उनके क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक नए प्लान का ऐलान किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि इस प्लान का नाम 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' है। उन्होंने साफ किया कि इसका मकसद जहाजों और उनके कर्मचारियों को सुरक्षित निकालना है। ट्रंप का यह भी कहना है कि होरमुज़ संकट पर ईरान के साथ "सकारात्मक बातचीत" चल रही है और उम्मीद है कि इसका ऐसा हल निकलेगा जो सभी के लिए फायदेमंद हो। हालांकि, ट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और होरमुज़ पर ईरान के नियंत्रण को लेकर अपना रुख साफ नहीं किया है।

दूसरी तरफ, ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि ईरान की तरफ से पेश की गईं 14 सूत्रीय मांगों को मानना मुमकिन नहीं लगता। ट्रंप ने यह धमकी भी दी है कि अगर बातचीत फेल हुई तो फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू की जा सकती है। फ्लोरिडा में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "अगर ईरान का बर्ताव खराब होता है तो फिर से हमला शुरू हो जाएगा।" वहीं, ईरान ने अमेरिका से कहा था कि सिर्फ संघर्ष विराम नहीं, बल्कि युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने की जरूरत है। इसके लिए ईरान ने 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी सौंपा था।

ईरान ने अपनी मांगों में होरमुज़ के नियंत्रण के लिए एक नया सिस्टम बनाने की भी मांग की है। पहले तो ट्रंप ने कहा था कि वो ईरान के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन बाद में उन्होंने इन्हें नामुमकिन बता दिया। ईरान की मुख्य मांगों में ये बातें शामिल थीं: संघर्ष विराम बढ़ाने के बजाय युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जाए, लेबनान समेत सभी जगहों पर अमेरिका अपने हमले रोके, अमेरिकी सेना को पूरे इलाके से हटाया जाए, ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और होरमुज़ जलडमरूमध्य के नियंत्रण के लिए एक नई व्यवस्था बनाई जाए।