राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी जहाजों को जब्त करने की अमेरिकी कार्रवाई को 'समुद्री लुटेरों' का काम बताया है। उन्होंने इसे 'लाभदायक व्यवसाय' कहा। यह बयान अमेरिका द्वारा होरमुज़ में ईरानी तेल टैंकरों को रोकने और 45 जहाजों को वापस भेजने के बीच आया है।

फ्लोरिडा: अमेरिका ने होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी बंदरगाहों पर पाबंदी लगा रखी है। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की एक कार्रवाई को लेकर ऐसा बयान दे दिया है, जिस पर बवाल मच गया है। उन्होंने ईरानी जहाज़ों को ज़ब्त करने की अमेरिकी कार्रवाई की तुलना 'समुद्री लुटेरों के काम' से की है। फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान ट्रंप ने यह विवादित बयान दिया।

'हम समुद्री लुटेरों जैसे हैं, लेकिन मज़ाक नहीं कर रहे'

ट्रंप ने रैली में ईरानी बंदरगाहों पर लगे बैन और जहाज़ों को ज़ब्त करने की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "हम जहाज़ पर जाते हैं, उसे अपने कंट्रोल में लेते हैं। जहाज़, उसमें लदा सामान, तेल। सब कुछ हम ज़ब्त कर लेते हैं। यह एक बहुत मुनाफ़े वाला बिजनेस है।" इसके बाद उन्होंने आगे जोड़ा, "हम एक तरह से समुद्री लुटेरों जैसे हैं, लेकिन हम कोई मज़ाक नहीं कर रहे हैं।"

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान का तेल ले जा रहे दो टैंकरों को रोका है। ईरान ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका जो कर रहा है, वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। ईरान ने इसे समुद्र में 'हथियारों के दम पर डकैती' करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा, "दुनिया एक बार फिर समुद्री लुटेरों की वापसी देख रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि "अमेरिका अपने गैर-कानूनी कामों को कानूनी जामा पहनाने की कोशिश कर रहा है।"

अमेरिका ने 45 जहाज़ वापस भेजे

जब से तनाव शुरू हुआ है, ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों की आवाजाही रोक दी है। इसके जवाब में ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर बैन लगा दिया। शुक्रवार तक के आंकड़ों के मुताबिक, यूएस सेंट्रल कमांड ने बैन का उल्लंघन करने वाले 45 जहाज़ों को वापस भेज दिया है। जनरल डैन केन ने साफ किया है कि यह बैन उन सभी जहाज़ों पर लागू होता है जो ईरानी बंदरगाहों पर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। पेंटागन के प्रमुख पीट हेगसेथ ने कहा है कि यह बैन जब तक ज़रूरी होगा, तब तक जारी रहेगा। वहीं, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि जब तक वॉशिंगटन अपनी बंदरगाहों पर लगी पाबंदी नहीं हटाता, तब तक वह होरमुज़ जलडमरूमध्य पर अपना कंट्रोल ढीला नहीं करेगा।

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