Trump Ukraine Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए यूक्रेन को समझौता करना होगा। ट्रंप ने कहा कि रूस का पलड़ा भारी है और उसकी सेना ने यूक्रेन के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है।
Russia Ukraine Peace Talks: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को समझौता करने की सलाह दी है। ट्रंप का मानना है कि मौजूदा हालात में रूस सैन्य रूप से मजबूत स्थिति में है और यूक्रेन को युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उनके इस बयान से रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर अमेरिकी प्रशासन के रुख पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
रूस की सैन्य ताकत का दिया हवाला
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि रूस लगातार आगे बढ़ रहा है और यूक्रेन के बड़े हिस्से पर उसका कब्जा है। उन्होंने रूसी सेना की तुलना एक बड़ी मशीन से करते हुए कहा कि रूस की सैन्य ताकत के सामने यूक्रेन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप के मुताबिक, युद्ध के मैदान में रूस की स्थिति मजबूत है, इसलिए यूक्रेन को शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
जेलेंस्की से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्टीव विटकॉफ ने किया। बैठक का उद्देश्य रूस और यूक्रेन के बीच जारी विवाद को समाप्त करने की संभावनाओं पर चर्चा करना था। ऐसे में ट्रंप का समझौते पर जोर देना अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
यूक्रेन को अमेरिकी मदद पर उठाए सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को दी गई आर्थिक और सैन्य सहायता पर भी नाराजगी जाहिर की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को काफी मदद दी है, लेकिन इसके बदले उसे दुख, मौत और भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि वह युद्ध में अमेरिकी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ट्रंप पहले भी यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता और युद्ध पर होने वाले खर्च को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं।
पुतिन और जेलेंस्की के बीच तनाव को बताया बाधा
ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच व्यक्तिगत तनाव को भी शांति वार्ता में बड़ी बाधा बताया। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच दुश्मनी की वजह से समझौते की राह मुश्किल हो रही है। युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत और सहमति बनना जरूरी है।
रूस पर प्रतिबंधों को लेकर भी चर्चा
युद्ध खत्म कराने की कोशिशों के बीच रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों और ऊर्जा बाजार को लेकर ट्रंप प्रशासन के रुख पर भी सवाल उठ रहे हैं। रूस के साथ बातचीत आगे बढ़ाने और तेल की कीमतों को कम करने की कोशिशों के बीच प्रतिबंधों में संभावित ढील को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, रूस के प्रति ट्रंप के नरम रुख से यूक्रेन के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर चिंताएं भी सामने आ रही हैं। अब यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी प्रशासन की कूटनीतिक कोशिशें रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में कितनी सफल होती हैं।






