अमरोहा में 19 साल की नवविवाहिता पुष्पेंद्री देवी की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी। मौत से कुछ घंटे पहले बेटी ने पिता को फोन कर कहा-“पापा, ये मुझे मार डालेंगे।” इसके बाद वह ससुराल में फंदे से लटकी मिली। परिवार ने 10 लाख दहेज मांग, हत्या और सबूत छिपाने का आरोप लगाया। 

अमरोहा/मेरठ: "पापा, ये मुझे मार डालेंगे... मुझे यहां से ले जाओ!" उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से सामने आई यह दिल दहला देने वाली गुहार एक 19 साल की नई-नवेली दुल्हन की आखिरी चीख साबित हुई। अपनी शादी के महज तीन महीने बाद ही एक बेटी को दहेज के दानवों ने लील लिया। मंगलवार की शाम जिस पिता से उसने रोते हुए जान की भीख मांगी थी, बुधवार की सुबह उस पिता के सामने बेटी का बेजान शव था। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने एक बार फिर समाज में गहरे पैठ जमा चुके दहेज रूपी अभिशाप और खौफनाक हकीकत को उजागर कर दिया है।

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आखिरी फोन कॉल और खौफनाक सन्नाटा

मंगलवार की शाम करीब 6:30 बजे, खुमावली गांव के किसान बलबीर सिंह के फोन की घंटी बजी। स्क्रीन पर उनकी 19 वर्षीय बेटी पुष्पेंद्री देवी का नाम था। फोन उठाते ही दूसरी तरफ से केवल सिसकियों और खौफ की आवाजें आ रही थीं। पुष्पेंद्री बेहद डरी हुई थी और बेबस होकर रो रही थी। उसने हांफते हुए अपने पिता से कहा कि उसके ससुराल वाले उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। पिता ने अपनी लाडली को ढांढस बंधाया, उसे दिलासा दिया कि वह जल्द ही उसे लेने आ रहे हैं। बलबीर सिंह ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अपनी बेटी की जो आवाज वे सुन रहे हैं, वह आखिरी होगी। इस बातचीत के कुछ ही घंटों बाद, फोन की वह घंटी हमेशा के लिए एक भयानक सन्नाटे में तब्दील हो गई।

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बंद कमरे का राज: आत्महत्या या सोची-समझी साजिश?

इससे पहले कि बेबस पिता अपनी बेटी तक पहुंच पाते, उन्हें वह खबर मिली जिसने उनके पैरों तले से जमीन खिसका दी। अमरोहा जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बगड़पुर चोइया में ससुराल वालों के घर के एक कमरे में पुष्पेंद्री का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ पाया गया। मायके वालों का आरोप है कि यह कोई सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी और बर्बर हत्या है। परिजनों का दावा है कि पुष्पेंद्री के ससुराल वालों ने पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, उसकी जान ली और फिर कानून की आँखों में धूल झोंकने के लिए शव को फंदे से लटका दिया ताकि यह पूरा मामला आत्मघाती कदम जैसा नजर आए।

10 लाख रुपये की वो जानलेवा मांग

पुष्पेंद्री की शादी इसी साल 13 फरवरी को गजरौला इलाके के खुमावली गांव के रहने वाले किसान ओमपाल से हुई थी। पिता बलबीर सिंह ने अपनी हैसियत और सामर्थ्य के अनुसार शादी में भारी-भरकम दान-दहेज दिया था। लेकिन लालच की कोई सीमा नहीं होती। शादी के कुछ ही दिनों बाद से ही पति ओमपाल और उसके घरवाले दिए गए दहेज से नाखुश रहने लगे। आरोप है कि पुष्पेंद्री पर मायके से 10 लाख रुपये अतिरिक्त नकद लाने का दबाव बनाया जा रहा था। इस भारी रकम को न ला पाने की एवज में उसे मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसका खौफनाक अंत मंगलवार की रात हो गया।

आरोपी फरार, पुलिस के सामने पोस्टमार्टम का सच

इस सनसनीखेज मामले के बाद इलाके में तनाव और शोक का माहौल है। सर्किल ऑफिसर (CO) पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुष्पेंद्री के पति ओमपाल, ससुर राजेंद्र, सास इंद्रावती और दो अन्य रिश्तेदारों सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 (दहेज हत्या), धारा 85 (महिला के प्रति क्रूरता) और दहेज निषेध अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं (3/7) के तहत मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया गया है।

फंदे के निशान और पुलिस की जांच

पुलिस के मुताबिक, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में मृतका की गर्दन पर फंदे के गहरे निशान मिले हैं। पुलिस अधिकारी ने साफ किया कि मौत की असली वजह और समय का सटीक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इस बीच, वारदात को अंजाम देने के बाद से ही सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों की सरगर्मी से तलाश करने और उन्हें सलाखों के पीछे भेजने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया है। कानून भले ही अपना काम कर रहा है, लेकिन बलबीर सिंह के कानों में आज भी अपनी बेटी के वो आखिरी शब्द गूंज रहे हैं-"पापा, ये मुझे मार डालेंगे।"