ईरान-इजरायल तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से दुबई में खाद्य संकट गहरा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वहां केवल 8-10 दिनों के ताजे फल और सब्जियां बची हैं। भारत चार्टर्ड उड़ानों के जरिए आपूर्ति कर मदद कर रहा है।

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव दुनिया के हर कोने पर किसी न किसी तरह असर डाल रहा है। आखिर सभी देश एक-दूसरे से किसी न किसी तरह से जुड़े हुए हैं और अपनी जरूरतों के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। यही वजह है कि जब कहीं तनाव होता है, तो उसका असर दूसरी जगहों पर भी पड़ता है। ऐसा ही कुछ अब दुबई में देखने को मिल रहा है, जहां ईरान-इजरायल जंग की वजह से खाने-पीने की चीजों का संकट शुरू हो गया है। वहां से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई में अब सिर्फ 8 से 10 दिन के ही ताजे फल और सब्जियां बची हैं।

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गहराता संकट

ईरान और इजरायल के बीच जंग और ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से यह फूड क्राइसिस और गहरा गया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लोग खाने की कमी का सामना कर रहे हैं। हालांकि इस संकट का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ा है, लेकिन दुबई में यह खासतौर पर गंभीर है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक, अगले एक हफ्ते में दुबई में ताजे फल और सब्जियां खत्म हो सकती हैं। ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के फैसले ने पूरे इलाके में जहाजों के रास्ते रोक दिए हैं, जिससे व्यापार ठप हो गया है। जानकारों का कहना है कि अगर समुद्री व्यापार में सुधार नहीं हुआ तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का असर

NBT की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एनालिस्ट शनाका एन्स्लेम परेरा ने लॉजिस्टिक्स हेड स्टीफन पॉल के हवाले से बताया है कि दुबई में फिलहाल 8-10 दिनों का ही ताजा फूड सप्लाई बचा है। उन्होंने यह जानकारी अपनी कंपनी के सप्लाई चेन डेटा के आधार पर दी है। खाड़ी देश अपनी जरूरत का 80-90% खाना दूसरे देशों से मंगाता है। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल का 70% खाना होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जिसे इजरायली और अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बंद कर दिया है। समुद्री रास्ते के अलावा, ईरान और इजरायल के बीच चल रही लड़ाई ने हवाई माल ढुलाई (एयर कार्गो) पर भी असर डाला है।

संकटमोचक बना भारत

हालांकि, इन रिपोर्ट्स के उलट UAE सरकार और वित्त मंत्रालय ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश के पास 4-6 महीने के जरूरी सामानों का स्ट्रैटेजिक स्टॉक मौजूद है। इस संकट के बीच, लुलु ग्रुप जैसे बड़े रिटेलर्स ने सप्लाई बनाए रखने के लिए भारत जैसे देशों से ताजे फल और सब्जियां मंगाने के लिए चार्टर्ड कार्गो फ्लाइट्स का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इस मुश्किल वक्त में भारत एक तरह से संकटमोचक बनकर सामने आया है।