Uttarkashi Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आधी रात को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई, जिसके बाद घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
Uttarkashi Earthquake Today: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात भूकंप के तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रात करीब 1 बजकर 21 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 मापी गई। झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह है कि प्रशासन के मुताबिक, अब तक भूकंप से किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
रात 1:21 बजे हिली धरती, 10 किलोमीटर गहराई में था केंद्र
उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप रात 1 बजकर 21 मिनट 34 सेकंड पर आया। भूकंप का केंद्र बड़कोट तहसील के राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास जमीन के करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है। भूकंप की गहराई कम होने के कारण आसपास के इलाकों में झटके अपेक्षाकृत तेज महसूस किए गए।
उत्तरकाशी से यमुना घाटी तक महसूस हुए झटके
भूकंप का असर उत्तरकाशी के अलावा बड़कोट, पुरोला, मोरी, चिन्यालीसौड़ और डुंडा समेत यमुना घाटी के कई इलाकों में महसूस किया गया। वहीं गंगा घाटी के कुछ हिस्सों में भी लोगों ने झटके महसूस किए। अचानक घरों के हिलने से रात में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों से बाहर निकल आए।
दो-तीन मंजिला मकानों से बाहर भागे लोग
रात के समय भूकंप आने के कारण लोगों में डर और बढ़ गया। खासकर दो और तीन मंजिला मकानों में रहने वाले लोग झटके महसूस होते ही बाहर निकल आए। पुरोला, मोरी, चिन्यालीसौड़, डुंडा और भटवाड़ी समेत कई क्षेत्रों में लोगों ने भूकंप के झटकों की जानकारी दी। पड़ोसी जिले टिहरी गढ़वाल के कुछ हिस्सों में भी हल्के झटके महसूस किए जाने की बात सामने आई है।
भूकंप का केंद्र राजगढ़ी क्षेत्र में
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास रहा। उपलब्ध रिपोर्ट में इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिलने की बात कही।
जोन-5 में आता है उत्तरकाशी, इसलिए बढ़ी चिंता
उत्तरकाशी का यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है और यह सीस्मिक जोन-5 में आता है। इस क्षेत्र में भूकंप का खतरा अधिक रहता है। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय फॉल्ट लाइनों के कारण धरती के भीतर लगातार भूगर्भीय हलचल होती रहती है, जिससे समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।
कोई बड़ा नुकसान नहीं, लेकिन लोगों में डर
फिलहाल 4.2 तीव्रता के इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, आधी रात को अचानक आए तेज झटकों ने स्थानीय लोगों को डरा दिया। संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
