Reverse Brain Drain India: भारत का आर्थिक महाशक्ति बनने का लक्ष्य है, लेकिन इसके लिए अपने टैलेंट को देश में रोकना एक बड़ी चुनौती है. चीन ने 'रिवर्स ब्रेन ड्रेन' का एक सफल मॉडल पेश किया है, जिससे भारत भी सीख ले सकता है.
India Brain Drain: भारत का सपना एक बड़ी आर्थिक सुपरपावर बनने का है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकारें और नीतियां बनती-बिगड़ती रहती हैं, लेकिन एक बड़ी और बुनियादी चुनौती जस की तस बनी हुई है. यह चुनौती है अपने ही देश के सबसे होनहार और काबिल लोगों को देश में रोककर रखने की, जिसे हम 'ब्रेन ड्रेन' कहते हैं.
इस समस्या से निपटने के लिए भारत को शायद अमेरिका और चीन जैसे देशों के मॉडल पर गौर करना होगा. इन देशों ने न सिर्फ अपने टैलेंट को संभाला, बल्कि बाहर गए लोगों को वापस अपने यहां काम करने के लिए आकर्षित भी किया. ख़ास तौर पर चीन का उदाहरण इस मामले में काफी दिलचस्प है.
चीन का 'रिवर्स ब्रेन ड्रेन' मॉडल
चीन के पास 'रिवर्स ब्रेन ड्रेन' के कई सफल उदाहरण मौजूद हैं. रिवर्स ब्रेन ड्रेन का सीधा मतलब है प्रतिभा की घर वापसी. यानी, जो काबिल पेशेवर और वैज्ञानिक बेहतर मौकों के लिए देश छोड़कर चले गए थे, वे अब वापस अपने देश लौट रहे हैं और उसकी तरक्की में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
चीन ने अपने देश में रिसर्च, इनोवेशन और कारोबार के लिए ऐसा माहौल तैयार किया कि उसके टैलेंट को बाहर जाने की ज़रूरत ही महसूस नहीं हुई. बल्कि जो लोग पहले ही बाहर जा चुके थे, उन्हें भी वापस लौटने में अपना फ़ायदा नज़र आया. यह कोई रातों-रात हुआ चमत्कार नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का नतीजा है.
अब सवाल यह है कि क्या भारत भी ऐसा कर सकता है? भारत को अगर सच में एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर खुद को स्थापित करना है, तो उसे अपने टैलेंट को रोकने और वापस बुलाने के लिए एक ठोस योजना पर काम करना ही होगा. सिर्फ बातें करने से काम नहीं चलेगा, क्योंकि दुनिया की बड़ी कंपनियों से लेकर रिसर्च लैब तक, हर जगह भारतीय प्रतिभा का डंका बज रहा है, बस अपने देश को छोड़कर.
