UP BJP MLA: उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी ने FIR दर्ज कराई है. आरोप है कि उनकी बेटी से एक 'सीरियल ठग' ने शादी कर ली. आरोपी और उसके पिता पर कई औरतों से शादी के नाम पर करोड़ों ठगने का इल्ज़ाम है.
BJP MLA Daughter Fraud Marriage: उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी की बेटी की शादी से जुड़ा मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। विधायक की शिकायत पर पुलिस ने उनके दामाद प्रखर त्रिवेदी के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रखर और उसके पिता ने खुद को बड़ा कारोबारी बताकर विधायक के परिवार को कथित तौर पर गुमराह किया और इसी पहचान के आधार पर शादी कराई।
खुद को बड़ा कारोबारी बताने का आरोप
विधायक ज्ञान तिवारी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, प्रखर त्रिवेदी और उसके पिता ने परिवार के सामने अपनी आर्थिक स्थिति और कारोबारी पहचान को लेकर कथित तौर पर गलत जानकारी दी। शिकायत में कहा गया है कि परिवार को उनके बारे में जो जानकारी दी गई थी, बाद में वह कथित तौर पर सही नहीं पाई गई।
इसी आधार पर विधायक ने पुलिस से मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शादी के बाद सामने आई कथित असलियत
शिकायत के अनुसार, शादी के बाद विधायक के परिवार को प्रखर त्रिवेदी और उसके परिवार की कथित वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और विधायक की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
FIR में प्रखर त्रिवेदी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कई महिलाओं को ठगने का भी आरोप
FIR में प्रखर त्रिवेदी पर सिर्फ एक मामले में धोखाधड़ी का आरोप नहीं लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, आरोपी और उसके पिता ने कथित तौर पर इसी तरह की पहचान का इस्तेमाल कर कई महिलाओं और उनके परिवारों को निशाना बनाया।
आरोप है कि दोनों खुद को संपन्न कारोबारी बताकर महिलाओं से शादी करते और बाद में उनसे पैसे ऐंठते थे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस जांच में खुलेंगे कई राज?
मामला दर्ज होने के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान आरोपी की कथित कारोबारी पहचान, शादी से पहले परिवारों के बीच हुई बातचीत, आर्थिक लेनदेन और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या आरोपी के खिलाफ पहले भी इसी तरह की कोई शिकायत या मामला दर्ज हुआ है।
FIR के बाद आगे क्या?
फिलहाल इस मामले में विधायक की शिकायत और FIR में लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। आरोपों की सच्चाई और कथित धोखाधड़ी में आरोपी की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह भी सामने आ सकता है कि मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं।
