Monsoon Rainfall Forecast: जुलाई में झमाझम बारिश के बाद अब मॉनसून पर ब्रेक लगता दिख रहा है। अगस्त और सितंबर में बारिश की कमी हो सकती है। इसकी वजह है अल नीनो, जो सुपर एक्टिव हो गया है और सूखे का खतरा बढ़ा रहा है।

Rainfall Deficiency India: निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर चिंता बढ़ाने वाला अनुमान जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक, पूरे मानसून सीजन में दीर्घकालिक औसत (LPA) की केवल 85 फीसदी बारिश हो सकती है। इससे देश के कई हिस्सों में सूखे का खतरा बढ़ सकता है।

पहले 94 फीसदी बारिश का था अनुमान

स्काईमेट ने अप्रैल में मानसून के दौरान LPA की 94 फीसदी बारिश होने का अनुमान जताया था। अब इसे घटाकर 85 फीसदी कर दिया गया है। एजेंसी ने बारिश में कमी के पीछे प्रशांत महासागर में अल नीनो के मजबूत होने को प्रमुख वजह बताया है।

IMD का अनुमान स्काईमेट से अलग

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अनुमान स्काईमेट से थोड़ा अलग है। IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अखिल श्रीवास्तव के मुताबिक, इस साल मानसून के दौरान बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। IMD ने पूरे सीजन में LPA की करीब 90 फीसदी बारिश का अनुमान जताया है।

17 अगस्त तक 13 फीसदी कम बारिश

आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 17 अगस्त के बीच देश में 518.7 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 596 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी देश में अब तक 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

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सितंबर में और बिगड़ सकते हैं हालात

स्काईमेट के अनुसार मानसून के बाकी समय में बारिश का वितरण असमान रह सकता है। अगस्त के अंत तक बारिश की कमी करीब 16 फीसदी और सितंबर में करीब 20 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। अल नीनो के और मजबूत होने से सितंबर में स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में भी बारिश कम

उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम भारत में 17 अगस्त तक 361.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 408.7 मिलीमीटर है। यहां बारिश करीब 12 फीसदी कम रही है।

पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत सबसे ज्यादा प्रभावित

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत में बारिश सामान्य के करीब रही है। इसके विपरीत पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में 684.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 938.7 मिलीमीटर है। यानी इस क्षेत्र में 27 फीसदी की कमी दर्ज हुई है।

दक्षिण भारत में भी बारिश की कमी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अब तक 375 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 477 मिलीमीटर बारिश होती है। इस क्षेत्र में बारिश लगभग 21 फीसदी कम रही है।

बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

एक तरफ मानसून की कुल बारिश में कमी चिंता बढ़ा रही है, वहीं बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी भारत में भारी बारिश की संभावना है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मानसून ट्रफ और सिस्टम सक्रिय

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। उत्तर प्रदेश-हरियाणा के आसपास चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र भी सक्रिय है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिससे कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।