ED raid on Azam Khan : समाजवादी पार्टी के नेता और अखिलेश यादव सरकार में पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की है।

नई दिल्ली/ लखनऊ : रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और अखिलेश यादव सरकार में पूर्व मंत्री आजम खान पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ा एक्शन लिया है। ED ने आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा मारा है। यह छापेमारी यूपी और दिल्ली के 10 ठिकानों पर की है। बता दें कि यह कार्रवाई मनी-लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है।

रामपुर से सहारनपुर से तक हो रही छापेमारी

ये छापेमारी बुधवार सुबह-सुबह शुरू हुई और अभी भी जारी है। ED की टीमें उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली में भी पुलिस के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं। ED के अधिकारियों ने बताया कि यह जांच सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को प्राइवेट ठेकेदारों के जरिए डायवर्ट करने के आरोपों से जुड़ी है। आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की संपत्ति बनाने में किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, "जांच में कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच पैसों के लेन-देन का भी पता चला है। आरोप है कि जिन ठेकेदारों को सरकारी ठेके मिले, उन्होंने फंड को ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी की तरफ मोड़ दिया।

कहां और कब बनी जौहर यूनिवर्सिटी

बता दें कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय (Mohammad Ali Jauhar University) उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित है। जिसकी स्थापना साल 2006 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर हुई थी, और इसके कुलाधिपति समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान हैं। यह एक निजी विश्वविद्यालय है। जो कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से मान्यता प्राप्त। यहां इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और अन्य विषयों की पढ़ाई होती है। हालांकि यह बात अलग है कि यह यूनिवर्सिटी पिछले कुछ सालों से राजनीतिक कारणों और कानूनी मामलों के चलते चर्चा में रही है।