Election Commission Big Decisions: चुनाव आयोग ने SIR में नोटिस पाने वाले वोटर्स को बड़ी राहत दी है। अब ERO दफ्तर जाने के बजाय BLO खुद घर आएगा। जानिए 5 बड़े ऐलान

SIR Big Update: वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मचे सियासी और प्रशासनिक घमासान के बीच चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। शनिवार, 26 सितंबर को हुई आयोग की उच्चस्तरीय बैठक में आम नागरिकों की सहूलियत के लिए नियमों को बेहद आसान बना दिया गया है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहे। आइए जानते हैं कि चुनाव आयोग ने आपके लिए कौन-से 5 बड़े बदलाव किए हैं…

1. नोटिस मिलने पर दफ्तर नहीं जाना, BLO खुद आएंगे आपके घर

सबसे बड़ी राहत उन वोटर्स को दी गई है, जिन्हें SIR के दौरान अनिर्धारित (Unmapped) या गलतियों (Logical Discrepancy) के कारण नोटिस मिला है। ऐसे लोगों को अब ERO (Electoral Registration Officer) के सामने खुद जाकर पेश नहीं होना पड़ेगा। यानी अगर आपके वोटर कार्ड में कोई तकनीकी खामी या पते की मिसमैचिंग है और आपको नोटिस मिला है, तो आपको निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के दफ्तर में लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी। अब आपके इलाके का बीएलओ (Booth Level Officer) खुद आपके घर आकर जरूरी दस्तावेज लेंगे। बीएलओ इन कागजों को सीधे चुनाव आयोग के ECINET पोर्टल पर अपलोड करेंगे। किसी बेहद खास मामले में ही वोटर को व्यक्तिगत रूप से बुलाया जाएगा और वो भी कोशिश होगी कि ऑनलाइन माध्यम से ही हो जाए।

2. हर किसी को सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा

अगर किसी वजह से सुनवाई (Hearing) की नौबत आती भी है, तो वोटर को खुद जाने की बाध्यता नहीं रहेगी। वोटर अपने परिवार के किसी भी वयस्क (18 साल से ज्यादा उम्र के) सदस्य को अपनी जगह शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है। इसके अलावा, दूरदराज या काम पर रहने वाले लोगों के लिए ऑनलाइन वीडियो हियरिंग की सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है।

3. दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी SIR डेडलाइन

SIR से जुड़े क्लेम और ऑब्जेक्शन को लेकर दिल्ली और महाराष्ट्र के वोटर्स के लिए समय बढ़ाया गया है। दिल्ली में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की आखिरी तारीख अब 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं, नोटिस के निपटारे और क्लेम-ऑब्जेक्शंस पर फैसला करने की डेडलाइन 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। महाराष्ट्र में SIR से जुड़े क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं, नोटिस और क्लेम-ऑब्जेक्शन के निपटारे की आखिरी तारीख 10 नवंबर 2026 रखी गई है। इसलिए दिल्ली और महाराष्ट्र के वोटर्स को पुरानी तारीख के बजाय इन नई डेडलाइन पर ध्यान देना चाहिए।

4. बेघर, मजदूर और कमजोर तबकों के लिए लगेंगे स्पेशल कैंप

आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिया है कि रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, दिहाड़ी मजदूरों, बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से किसी भी हाल में न छूटें। इसके लिए जगह-जगह स्पेशल हेल्प डेस्क और विशेष सहायता शिविर लगाए जाएंगे, ताकि हर नागरिक का वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहे।

5. नए और छूटे वोटर्स के लिए चलेगा 'स्पेशल ड्राइव'

आयोग ने साफ किया है कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का काम पूरा हो चुका है। लेकिन अगर किसी युवा (पहली बार वोटर बनने वाले) या पुराने नागरिक का नाम लिस्ट में आने से छूट गया है, तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। वो लगातार अपडेशन (Continuous Updation) के जरिए कभी भी फॉर्म भरकर नाम जुड़वा सकता है। अधिकारियों को इसके लिए तुरंत स्पेशल इनरोलमेंट ड्राइव चलाने के आदेश दिए गए हैं।

ECINET पोर्टल और विवाद पर आयोग का रुख

आयोग के आईटी सिस्टम (ECINET) पर उठ रहे सवालों को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर और IIT या IIIT के स्वतंत्र तकनीकी एक्सपर्ट की निगरानी में एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी जांच करेगी कि पोर्टल सभी तय नियमों और पारदर्शिता पर खरा उतर रहा है या नहीं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ किया कि एसआईआर का फैसला पूरी तरह सर्वसम्मति से लिया गया था और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रक्रिया पर अपनी मुहर लगाई है।

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