जंगल में खुदाई कर रही JCB मशीन को एक हाथी ने रोकने की कोशिश की। यह वायरल वीडियो वन्यजीवों के अपने घर बचाने के संघर्ष को दिखाता है। इस घटना ने विकास बनाम पर्यावरण संरक्षण पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
अगर कोई आपके घर में घुस आए तो आप क्या करेंगे? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को देखकर लोग यही सवाल पूछ रहे हैं। इस वीडियो में एक हाथी भी ठीक यही कर रहा है - अपने घर, यानी जंगल को बचाने की कोशिश। इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक जंगली हाथी, जंगल में खुदाई करने आई एक JCB मशीन से भिड़ता दिख रहा है। इंसान की मशीन और जंगल के इस राजा के बीच की यह लड़ाई देखने वालों को भावुक कर रही है। हालांकि, यह वीडियो कहां का है, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है।
अपना घर बचाने की अकेली लड़ाई
वीडियो में दिखता है कि जंगल में JCB को रास्ता देने के लिए सरकारी तामझाम भी मौजूद है। पुलिस, फॉरेस्ट विभाग और रैपिडो टीम (संभवतः रैपिड रिस्पॉन्स टीम) के लोग वहां तैनात थे। उनके पास हथियार भी थे, लेकिन जैसे ही हाथी ने ज़ोर से चिंघाड़ मारी, वे सब उल्टे पांव भाग खड़े हुए। इसके बाद हाथी अकेला ही JCB से भिड़ गया। वह एक टूटी हुई दीवार के ऊपर चढ़कर मशीन को रोकने की पूरी कोशिश करता रहा। ऐसा लग रहा था मानो वह कह रहा हो, 'बस, अब और बर्बादी नहीं'।
लोगों ने क्या कहा?
इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, "यह विकास और वन्यजीवों के बीच टकराव की एक दिल दहला देने वाली याद दिलाता है। जब बिजनेस घराने और सरकारें बचे-खुचे जंगलों को तबाह करने पर तुली हैं, तब एक हाथी अपने घर, यानी जंगल को बचाने के लिए JCB मशीन के सामने डटकर खड़ा है।"
यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। लोगों ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने इसे "आपराधिक लापरवाही" बताया। एक यूजर ने लिखा कि सरकारें निजी कंपनियों के मुनाफे के लिए पर्यावरण को बेच रही हैं। एक और ने लिखा, "यह हाथी सरकार से बेहतर जानता है कि टिकाऊ विकास क्या होता है।"
एक यूजर ने तंज कसते हुए पूछा, "क्या अब सरकार इस हाथी को अपना घर बचाने के लिए 'आतंकवादी' घोषित कर देगी?" यह कमेंट मौजूदा सरकारों के अपने ही नागरिकों के प्रति रवैये पर एक कटाक्ष था। कुछ लोगों ने भारत में 'वनतारा' (Vantara) जैसे निजी वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट्स की भी आलोचना की। वहीं, कई लोगों ने हाथी के विरोध के बावजूद पीछे न हटने वाले JCB ऑपरेटर को भी खूब खरी-खोटी सुनाई।
वीडियो खत्म होने पर एक बेचैन करने वाला सवाल मन में रह जाता है - विकास के नाम पर अगर जंगल भी खोद दिए जाएंगे, तो ये बेज़ुबान जानवर आखिर कहां जाएंगे?
