खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण दुबई जाने वाली उड़ानें लगभग खाली हैं। ड्रोन हमलों और मिसाइल के खतरे के चलते यात्री यात्रा रद्द कर रहे हैं, जिससे एमिरेट्स जैसी एयरलाइंस को भारी नुकसान हो रहा है। कई उड़ानों में 20% से भी कम सीटें भर रही हैं।

खाड़ी क्षेत्र में जंग जैसे हालात की वजह से दुबई जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई है। दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन, एमिरेट्स, के विमान इन दिनों लगभग खाली ही दुबई के लिए उड़ान भर रहे हैं। लंबे समय से चल रहे इस तनाव ने एयरलाइन कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

खाली उड़ रहे हैं विमान

अमेरिका और यूरोप से आने वाली उड़ानों में तो यात्री लगभग न के बराबर हैं। प्राग और बुडापेस्ट से आने वाली फ्लाइट्स में सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत सीटें ही भर रही हैं। न्यूयॉर्क से आने वाले विमानों में बुक हुए टिकटों में से सिर्फ पांचवें हिस्से के लोग ही सफर कर रहे थे। पेरिस से दुबई आई 600 सीटों वाली विशाल एयरबस A380 में तो सिर्फ 25 लोग सवार थे। यानी, विमान के क्रू मेंबर्स के बराबर ही यात्री! लंदन के हीथ्रो से आने वाली फ्लाइट्स में भी सिर्फ 20% टिकट ही बिके।

लोग शहर छोड़ रहे; टिकट हो रहे कैंसिल

दुबई आने के लिए भले ही लोग न हों, लेकिन दुबई से जाने वाली फ्लाइट्स में भारी भीड़ है। लोग जल्द से जल्द सुरक्षित जगहों पर पहुंचना चाहते हैं। ऐसे में यात्रियों को छोड़कर लौटते वक्त एमिरेट्स को खाली विमानों के साथ वापस आना पड़ रहा है। इसके अलावा, हर दिन हजारों लोग टिकट बुक करने के बाद भी यात्रा नहीं कर रहे हैं। कंपनी इस महीने के अंत तक यात्रियों को टिकट का पैसा वापस करने और यात्रा की तारीख बदलने की सुविधा दे रही है।

विलेन बने ड्रोन हमले और मिसाइल का खतरा

ईरान से मिसाइल का खतरा और एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमलों ने एविएशन सेक्टर को बड़ा झटका दिया है। पिछले सोमवार को एक ड्रोन हमले की वजह से दुबई एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में आग लग गई थी। इसके चलते करीब सात घंटे तक विमानों की आवाजाही रोकनी पड़ी थी। आम तौर पर दुबई एयरपोर्ट से हर दिन करीब 500 उड़ानें ऑपरेट होती हैं, लेकिन 16 मार्च के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 71 विमानों ने ही उड़ान भरी।

कार्गो सर्विस से थोड़ी राहत

यात्रियों की कमी के बावजूद, माल ढुलाई (कार्गो) जारी रहने से एमिरेट्स को थोड़ी राहत मिली है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण जरूरी सामान पहुंचाने का मुख्य जरिया अब हवाई मार्ग ही है। एमिरेट्स अब ज्यादा माल ले जाने की क्षमता वाले बोइंग 777 विमानों का ज्यादा इस्तेमाल कर रही है। कतर एयरवेज और इतिहाद जैसी एयरलाइंस ने भी अपनी सेवाएं घटा दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले ईस्टर सीजन के लिए भी टिकट बुकिंग बहुत कम है। एमिरेट्स के प्रेसिडेंट टिम क्लार्क ने अब तक इस स्थिति पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कंपनी ने साफ किया है कि वह अभी सिर्फ सुरक्षित रास्तों पर ही उड़ानें भर रही है।