US-इजरायल हमले में मारे गए ईरानी नेता खमेनेई का अंतिम संस्कार शुरू हो गया है। कई शहरों में रस्मों के बाद 9 जुलाई को मशहद में उन्हें दफनाया जाएगा। दुनियाभर के नेता श्रद्धांजलि देने तेहरान पहुंचे हैं।
तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शुरू होते ही राजधानी तेहरान का माहौल बेहद गमगीन हो गया। जब खमेनेई का पार्थिव शरीर ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद लाया गया, तो वहां मौजूद नेता अपने जज्बात काबू में नहीं रख पाए और फूट-फूटकर रो पड़े। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ समेत कई बड़े नेता खमेनेई के पार्थिव शरीर के सामने रोते हुए दिखे। इससे जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं। खमेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शनिवार को शुरू हुईं, जो ईरान और इराक में कई दिनों तक चलेंगी। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इन पांच दिनों की रस्मों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल होंगे।

सोमवार को राजधानी तेहरान की सड़कों पर एक बड़ा शोक जुलूस निकाला जाएगा। तब तक, उनके पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद कोम, बगदाद, कर्बला और नजफ जैसे शहरों में भी रस्में होंगी। 9 जुलाई को उन्हें उत्तर-पूर्वी ईरान के पवित्र शहर मशहद में इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद खमेनेई का जन्मस्थान भी है।
दुनिया भर के कई नेता अली खमेनेई को आखिरी विदाई देने के लिए ईरान पहुंच रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, तुर्कमेनिस्तान के गुरबांगुली बर्दीमुहामेदोव और रूस की सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
भारत की तरफ से बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा श्रद्धांजलि देंगे। इनके अलावा, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और जम्मू-कश्मीर PDP की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जैसे विपक्षी नेता भी ईरान पहुंचे हैं। बता दें कि अयातुल्ला अली खमेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हमले में मारे गए थे।
