Salim Vastik Attack Update: गाजियाबाद में एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस मुठभेड़ में आरोपी जीशान मारा गया, जबकि पाकिस्तानी यूट्यूबर से कथित कनेक्शन की जांच जारी है। जानिए पूरी कहानी।
सोशल मीडिया के दौर में विचारों की लड़ाई अब सिर्फ बहस तक सीमित नहीं रही। गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुआ जानलेवा हमला इसी बदलते माहौल की एक खतरनाक तस्वीर पेश करता है। पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, उन्होंने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस के मुताबिक, सलीम पर हमला करने वाला आरोपी जीशान एक मार्च को मुठभेड़ में मारा गया। उसका भाई गुलफाम अब भी फरार है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। दोनों पर सलीम के ऑफिस में घुसकर गला रेतने की कोशिश का आरोप है।
क्या है पाकिस्तानी कनेक्शन?
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले के पीछे कथित तौर पर एक पाकिस्तानी यूट्यूबर का हाथ हो सकता है। दावा है कि टेलीग्राम ऐप के जरिए जीशान से संपर्क किया गया और सलीम की हत्या की सुपारी दी गई। पुलिस डिजिटल चैट, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। अभी आधिकारिक स्तर पर अंतिम पुष्टि होना बाकी है, लेकिन इस एंगल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
सलीम वास्तिक गाजियाबाद के लोनी इलाके के रहने वाले हैं। वह खुद को एक्स मुस्लिम बताते हैं और अपने वीडियो में इस्लाम की कुरीतियों पर खुलकर बोलते रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके वीडियो कुछ कट्टरपंथी समूहों को नागवार गुजर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि जीशान ने अपने कमरे में ‘इंस्पायर विद जीशान’ नाम से एक पॉडकास्ट सेटअप बना रखा था। वह सोशल मीडिया पर धार्मिक और भड़काऊ विचारों वाले वीडियो पोस्ट करता था।
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उसके एक वीडियो में बाबरी मस्जिद का जिक्र करते हुए भावनात्मक बातें कही गई थीं। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या इन वीडियो के जरिए उसे किसी संगठन से समर्थन मिल रहा था।
विदेशी संगठन से जुड़ाव की जांच
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जीशान और उसका भाई कथित तौर पर एक विदेशी कट्टरपंथी संगठन से जुड़े थे। इस संगठन के तार विदेश से जुड़े होने की बात सामने आई है। फिलहाल इस पहलू पर भी गहराई से जांच चल रही है।
पुलिस के अनुसार, जीशान और गुलफाम ने पहले पेपर कटर से हमला किया। जब कटर टूट गया तो मेज पर लगे शीशे से गले पर वार किया। सलीम को मृत समझकर दोनों बाइक से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज के जरिए बाइक नंबर मिला। जब पुलिस बाइक मालिक तक पहुंची तो पता चला कि बाइक उसके रिश्तेदार जीशान और गुलफाम ले गए थे। यहीं से पुलिस को अहम सुराग मिला।
हमले के बाद क्या किया?
हमले के बाद दोनों पहले गाजियाबाद के खोड़ा स्थित कमरे पर पहुंचे। कपड़े बदले और फिर अमरोहा अपने गांव चले गए। हमले में जीशान की उंगली कट गई थी, जिसे उसने घरवालों से छिपाने के लिए काम के दौरान लगी चोट बताया।
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