Father Daughter Love: बेटी ने अपने पापा को बस एक मैसेज किया, "पापा, आपकी बहुत याद आ रही है।" इस एक मैसेज पर पिता 14 घंटे का लंबा सफर तय करके बेटी से मिलने पहुंच गए। बेटी के साथ कुछ घंटे बिताए, घर के छोटे-मोटे काम भी किए और फिर वापस लौट गए। पिता के इस प्यार की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
Father Daughter Bond: पिता-बेटी का प्यार जताने के लिए हमेशा बड़े-बड़े शब्दों की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी एक छोटा सा मैसेज ही दिल की सारी बात कह देता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पिता-बेटी की कहानी बिल्कुल ऐसी ही है, जो किसी का भी दिल छू लेगी।
इंस्टाग्राम यूजर apple.kaivalya ने अपने पिता मुकेश हीरो के साथ एक दिल छू लेने वाला वीडियो शेयर किया है। कहानी शुरू हुई एक सीधे-सादे मैसेज से, जो बेटी ने अपने पापा को भेजा था।
'डैडी, चाला गुर्तोस्तुनाव' बोली बेटी
पिता को याद करते हुए बेटी ने तेलुगु में मैसेज किया, “डैडी, चाला गुर्तोस्तुनाव”, जिसका मतलब है, “पापा, आपकी बहुत याद आ रही है।” बेटी को लगा कि यह एक आम बातचीत है, लेकिन पिता के लिए यह सिर्फ एक मैसेज नहीं था।
अगले दिन दरवाजे पर खड़े थे पापा!
अगली सुबह जब बेटी ने दरवाजा खोला तो सामने एक बड़ा सरप्राइज था। पीठ पर बैग टांगे उसके पापा दरवाजे पर खड़े थे। बेटी से मिलने के लिए उन्होंने पूरे 14 घंटे का सफर किया था।
और खास बात ये थी कि बेटी के साथ सिर्फ कुछ घंटे बिताने के बाद उन्हें वापस घर जाने के लिए फिर से 14 घंटे का सफर करना था। यानी कुल 28 घंटे का सफर, और बेटी के साथ बिताने के लिए मिले सिर्फ करीब आठ घंटे।
कुछ घंटों में समेट लीं जिंदगी भर की यादें
पिता-बेटी ने साथ में मोटरसाइकिल पर घूमे, बॉलिंग खेली, बाहर खाना खाया और इन खूबसूरत पलों को कैमरे में कैद किया।
लेकिन एक पिता का प्यार सिर्फ घूमने-फिरने तक ही सीमित नहीं था। उन्होंने बेटी के घर पर पड़े बर्तन भी धोए और बिना कहे ही कई छोटे-मोटे काम निपटा दिए।
‘मैंने कहा मुझे आपसे मिलना है… और वो आ गए’
वीडियो शेयर करते हुए बेटी ने इमोशनल होकर लिखा, “मैंने बस इतना कहा कि मुझे आपसे मिलना है। और वो आ गए। 14 घंटे का सफर, एक दिन की मुलाकात और बिना कहे किए गए ढेरों छोटे-छोटे काम।”
मुलाकात खत्म होने के बाद पिता स्लीपर बस पकड़कर घर के लिए निकल गए। लेकिन यह छोटी सी मुलाकात बेटी को एक बड़ा सबक दे गई—कि माता-पिता हमेशा यह नहीं कहते कि ‘मैं तुम्हारे साथ हूं’। कभी-कभी वे बिना कुछ कहे बस आपके पास आकर खड़े हो जाते हैं।
