फ्लोरिडा में नदी में नहाते समय एलिगेटर के हमले में 31 वर्षीय ब्रिटनी क्लार्क की मौत हो गई। बॉयफ्रेंड ने बचाने की पूरी कोशिश की, जबकि 911 कॉल और DNA जांच ने मामले को सुर्खियों में ला दिया।  

Florida Alligator Attack: अमेरिका के फ्लोरिडा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। 31 वर्षीय ब्रिटनी क्लार्क अपने बॉयफ्रेंड चांस एलिसन और अपनी सबसे अच्छी दोस्त के साथ गर्मी से राहत पाने के लिए 'लिटिल बिग इकोन स्टेट फॉरेस्ट' के भीतर बहने वाली इकोनलोकहैची नदी में उतरी थीं। ऑरलैंडो से महज 30 मील दूर स्थित इस उथली नदी का पानी महज तीन फीट गहरा था और सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन इसी उथले पानी की तह में एक खूंखार शिकारी घात लगाए बैठा था। ब्रिटनी जैसे ही पानी में आगे बढ़ीं, अचानक एक विशालकाय एलिगेटर (मगरमच्छ) ने उन पर हमला कर दिया और पलक झपकते ही वहां चीख-पुकार मच गई। कुछ ही पलों में मौज-मस्ती का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि शांत दिखने वाला पानी इतनी भयावह घटना का गवाह बनने वाला है।

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समंदर जैसी खौफनाक जंग: बॉयफ्रेंड की जांबाजी भी नहीं बचा पाई ब्रिटनी की जान

जांचकर्ताओं के मुताबिक, मगरमच्छ ने हमला करते ही सबसे पहले ब्रिटनी के एक हाथ को अपने जबड़ों में जकड़ लिया। इसके तुरंत बाद उसने अपने सबसे खतरनाक हथियार 'डेथ रोल' (तेजी से गोल-गोल घूमना) का इस्तेमाल किया। मगरमच्छ की इस जबरदस्त ताकत के आगे ब्रिटनी बेबस हो गईं। उनका बॉयफ्रेंड चांस एलिसन बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में कूद पड़ा। मगरमच्छ क्लार्क और एलिसन दोनों को खींचकर पानी के नीचे ले गया। एलिसन ने पानी के भीतर ही उस नरभक्षी से सीधे लोहा लिया और किसी तरह ब्रिटनी का एक हाथ उसके जबड़े से छुड़ाने में कामयाब रहे। लेकिन हैवान बन चुके मगरमच्छ ने अगले ही पल ब्रिटनी का दूसरा हाथ दबोच लिया। एक लंबी और खूनी कशमकश के बाद जब मगरमच्छ ने शिकार को छोड़ा, तो एलिसन ब्रिटनी को नदी के किनारे लेकर आए और उन्हें सीपीआर ($CPR$) देने लगे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मगरमच्छ ने ब्रिटनी का एक हाथ पूरी तरह से शरीर से अलग कर दिया था और दूसरा हाथ भी नाममात्र का जुड़ा था। अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।

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"उनका हाथ अलग हो चुका है..."911 की वो दिल दहला देने वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हमले की भयावहता अमेरिकी मीडिया को मिली 911 की इमरजेंसी कॉल्स में साफ सुनी जा सकती है। कॉल पर मौजूद एक महिला डिस्पैचर के सामने बुरी तरह चीखते हुए कह रही थी: "उनका एक हाथ पूरी तरह से कट कर अलग हो चुका है और दूसरा हाथ बस नाममात्र का लटका हुआ है... प्लीज जल्दी कीजिए, वह मेरी सबसे अच्छी दोस्त है!" वहीं दूसरी ओर से एलिसन की रुआंसी आवाज आ रही थी, जो बार-बार गुहार लगा रहा था, "बहुत बुरा हाल है, बहुत बुरा... प्लीज जल्दी कीजिए, उनका बहुत खून बह रहा है।" इन ऑडियो क्लिप्स ने उस खौफनाक मंजर की दास्तान बयां कर दी, जिसने कुछ ही मिनटों में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।

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13 फीट के दो 'दैत्य' गिरफ्तार: आखिर कौन सा मगरमच्छ था असली कातिल?

फ्लोरिडा फिश एंड वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन कमीशन ($FWC$) के प्रवक्ता चाड वेबर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि बॉयफ्रेंड ने अपनी तरफ से बचाने की पूरी कोशिश की थी। इस घटना के तुरंत बाद वाइल्डलाइफ विभाग ने इलाके में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया और नदी से दो बेहद विशालकाय एलिगेटर्स को जाल में फंसाया। इनमें से एक की लंबाई 12 फीट और दूसरे की लंबाई रिकॉर्ड 13 फीट थी। अब सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि इन दोनों में से किस दैत्य ने ब्रिटनी पर हमला किया था? इसका पता लगाने के लिए दोनों मगरमच्छों के $DNA$ सैंपल लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं, ताकि कातिल जानवर की सटीक पहचान हो सके।

आखिर इतना आक्रामक क्यों हुआ एलिगेटर?

FWC अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि किसी ने एलिगेटर को उकसाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि उस समय पानी का स्तर कम था और एलिगेटर अपने इलाके की रक्षा करने के कारण अधिक आक्रामक हो सकता है। इसके अलावा, अप्रैल से शुरू होने वाला एलिगेटर का प्रजनन (मेटिंग) सीजन भी उन्हें सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा सक्रिय और आक्रामक बना देता है। कम जलस्तर और प्रजनन काल का यह मेल इंसानों और वन्यजीवों के बीच खतरनाक मुठभेड़ों का जोखिम बढ़ा देता है।

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मेटिंग सीजन का अदृश्य खतरा: बिना उकसावे के क्यों आक्रामक हुआ शिकारी?

वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जांच में ऐसा कोई भी सुराग नहीं मिला है जिससे यह लगे कि पर्यटकों ने मगरमच्छ को किसी भी तरह से उकसाया या परेशान किया था। अधिकारियों ने इसके पीछे दो मुख्य वजहें बताई हैं। पहली वजह यह कि उस समय नदी में पानी का स्तर काफी कम था, जिससे मगरमच्छ अपने इलाके (Territory) को लेकर बेहद आक्रामक हो जाते हैं। दूसरी और सबसे अहम वजह है एलिगेटर्स का 'मेटिंग सीजन' (प्रजनन का मौसम), जो अप्रैल की शुरुआत में शुरू होता है। इस दौरान ये सरीसृप सामान्य से कई गुना ज्यादा सक्रिय और खतरनाक हो जाते हैं। वाइल्डलाइफ विभाग ने लोगों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है कि वे इस सीजन में मीठे पानी के स्रोतों जैसे नदियों और झीलों के आसपास जाने से बचें, क्योंकि शांत दिखने वाले पानी के नीचे कब मौत का सामना हो जाए, कोई नहीं जानता।