Flydubai Flight Attack New Update: फ्लाईदुबई विमान हमले में इजराइल, ओमान और यूएई की भारी लापरवाही सामने आई है। जानिए 3 बड़ी चूक जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना हुई।

Flydubai Flight Latest Update: 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हवा में जो कुछ हुआ, उसने पूरी एविएशन सिक्योरिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉकपिट के अंदर को-पायलट ने कुल्हाड़ी निकालकर मुख्य कैप्टन पर जानलेवा हमला कर दिया और विमान को हाईजैक करने की कोशिश की। चंद सेकंड में 16,000 फीट नीचे गिरते विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बाल-बाल बची। अब इस मामले में अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। इस नई रिपोर्ट में सामने आया है कि ओमान, UAE और इजरायल में हुई अलग-अलग चूकों ने मिलकर एक ऐसे को-पायलट को संवेदनशील फ्लाइट तक पहुंचने दिया, जिस पर पहले ही सवाल उठ चुके थे। आइए जानते हैं आखिर इन तीनों देशों से कहां इतना बड़ा ब्लंडर हुआ...

पहला ब्लंडर: कट्टरपंथ की पहचान हुई, बैन लगाया, लेकिन दुनिया से बात छिपाई

फ्लाईदुबई केस की सबसे बड़ी कड़ी ओमान से जुड़ती है। 'The Wall Street Journal' की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान को हाईजैक करने की साजिश और कैप्टन स्मित मछार (Smit Machchhar) पर हमला करने वाला 29 साल का को-पायलट हमाम अल-हम्मामी पहले ओमान एयर में काम करता था। वहां उसकी ऑनलाइन गतिविधियों और व्यवहार को लेकर अधिकारियों ने चिंता जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी कट्टरपंथी विचारधारा में बढ़ती दिलचस्पी को लेकर उसे पायलट के तौर पर उड़ान भरने से रोक दिया गया था। इसके बाद उसे एक डि-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम से गुजरना पड़ा और उड़ान की जगह डेस्क जॉब दी गई। यानी उसके पुराने रिकॉर्ड में ऐसी जानकारी मौजूद थी, जो आगे किसी एयरलाइन के लिए अहम हो सकती थी। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान ने इन चिंताओं को दूसरी एयरलाइंस और संबंधित अधिकारियों के साथ शेयर नहीं किया। यहीं से पहला बड़ा सवाल खड़ा होता है, अगर पहले से खतरे के संकेत मौजूद थे तो नई नौकरी के समय ये जानकारी आगे क्यों नहीं पहुंची?

दूसरा ब्लंडर: फ्लाईदुबई ने पिछला रिकॉर्ड खंगाला ही नहीं

फरवरी 2026 में अल-हम्मामी को फ्लाईदुबई ने नौकरी दी। WSJ की जांच के मुताबिक, भर्ती के दौरान UAE और एयरलाइन ने उसकी पिछली नौकरी को लेकर ओमान से संपर्क करके जानकारी नहीं मांगी थी। एयरलाइन ने क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक जरूर किया था, लेकिन सवाल ये है कि सिर्फ सामान्य क्रिमिनल रिकॉर्ड किसी पायलट की पूरी सुरक्षा तस्वीर कैसे बता सकता है? खासकर तब, जब उसका पिछला एविएशन रिकॉर्ड ही चिंता की वजह बन चुका हो। नौकरी मिलने के बाद अल-हम्मामी को दुबई-तेल अवीव रूट पर उड़ान भरने का मौका मिला और उसने इस रूट पर कई बार उड़ान भरी। अब UAE में उसकी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े फ्लाईदुबई कर्मचारियों की भी जांच की जा रही है। एयरलाइन ने जांच जारी होने के कारण टिप्पणी करने से इनकार किया है।

तीसरा ब्लंडर: प्रतिबंधित देश का नागरिक था, फिर भी अपनी सीमा में घुसने दिया

इस पूरे मामले में तीसरा सवाल इजरायल की सुरक्षा सिस्टम को लेकर है। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान जैसे उन देशों के पायलटों के लिए इजरायल में उड़ान भरने पर पाबंदी है, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बावजूद ओमानी नागरिक अल-हम्मामी दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट का को-पायलट बना। सबसे अहम बात ये है कि विदेशी एयरलाइंस को इजरायल पहुंचने से पहले यात्रियों और क्रू की जानकारी देनी होती है। फ्लाईदुबई ने भी Flight 1073 का मैनिफेस्ट जमा किया था। लेकिन WSJ के मुताबिक, इजरायल के ट्रांसपोर्टेशन मंत्रालय ने कहा कि उसे विदेशी एयरलाइंस के क्रू की जांच करने का अधिकार या विशेषज्ञता नहीं लगता था। मंत्रालय ने ये भी कहा कि 2023 में डेटाबेस बनने के बाद उसने यात्रियों या क्रू की लिस्ट खुद नहीं मांगी थी और उसे ये भी पता नहीं था कि वो इस जानकारी को एक्सेस कर सकता है। यानी जानकारी मौजूद थी, लेकिन उसका इस्तेमाल उस तरह नहीं हुआ, जिससे इस खतरे को पहले रोका जा सकता था। खास बात ये है कि 2024 की एक गोपनीय इजरायली रिपोर्ट में विदेशी एयरलाइंस की सुरक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर चेतावनी भी दी गई थी।

फ्लाईदुबई में क्या हुआ था?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उसमें 174 पैसेंजर थे, जिसमें से ज्यादातर इजराइली नागरिक थे। इसी दौरान को-पायलट अल-हम्मामी ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया। UAE और इजरायली अधिकारियों ने बाद में इस घटना को आतंकी हमले के तौर पर देखा। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के दौरान फ्लाइट अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। बोइंग 737 MAX 8 ने करीब 30 सेकंड में 16,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई खो दी। विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भी भेजे। घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्री और क्रू अंदर पहुंचे और को-पायलट को काबू किया। फ्लाइट में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने फिर विमान की कमान संभाली और उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा।