Flydubai FZ1073 घटना के बाद इजरायल की एविएशन सिक्योरिटी पर सवाल उठे हैं। Channel 12 की रिपोर्ट में दर्जनों ओमानी पायलटों के तेल अवीव पहुंचने का दावा है। जानें हमाम अल-हम्मामी और सुरक्षा जांच से जुड़े सवाल।
Flydubai Attack: फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में हुए खौफनाक हमले के बाद इज़राइल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 'चैनल 12' की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना ने इज़राइली सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी पोल खोल दी है। रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि प्रतिबंधों के बावजूद, गैर-मित्र देशों के करीब 12 ओमानी पायलट पहले तेल अवीव की उड़ानों पर आ चुके हैं। ओमान के साथ इज़राइल के कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं, और 2020 के अब्राहम समझौते के नियमों के तहत ऐसे देशों के पायलटों का इज़राइल के लिए उड़ान भरना प्रतिबंधित है।
Omani Pilots: तेल अवीव पहुंचने पर क्या था नियम?
नियमों के मुताबिक, जिन देशों के इज़राइल से कूटनीतिक रिश्ते नहीं हैं, उनके पायलट वहां उड़ान नहीं भर सकते। लेकिन इस मामले में इज़राइली अधिकारियों ने खुद जमीनी जांच करने के बजाय पूरी तरह एयरलाइंस पर भरोसा कर लिया। इज़राइल की मुख्य खुफिया और सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' ने फ्लाईदुबई के पायलटों की पृष्ठभूमि या उनकी नागरिकता की खुद कभी स्वतंत्र जांच नहीं की। वे सिर्फ एयरलाइंस के भरोसे बैठे रहे। स्टेट कॉम्प्ट्रोलर कार्यालय ने भी अपनी 2024 की रिपोर्ट में हवाई सुरक्षा के इन ढीले प्रोटोकॉल पर कड़ी आपत्ति जताई थी, लेकिन लापरवाही जारी रही।
ओमानी को-पायलट का कट्टरपंथी इतिहास और हमला
इस पूरी सुरक्षा चूक के केंद्र में 29 वर्षीय ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्ममी है, जिस पर फ्लाइट के दौरान भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान एयर ने 2024 में ही अल-हम्ममी को सुरक्षा खतरे के रूप में चिन्हित कर दिया था। जांच में सामने आया कि वह ट्रेनी पायलट के तौर पर काम करते वक्त कट्टरपंथी इस्लामी वेबसाइटें देखता था। सुरक्षा जोखिम के चलते ओमान एयर ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था और डेस्क जॉब पर डाल दिया था। इसके बाद वह दुबई चला गया और फ्लाईदुबई में नौकरी पा ली।
हवा में हाईजैक का खतरा और सऊदी अरब में लैंडिंग
जब फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी, तब कॉकपिट के अंदर अल-हम्ममी ने कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया, जिससे विमान अचानक तेजी से नीचे गोता खाने लगा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पायलट ने 'स्क्वाक 7500' (हाइजैक का सिग्नल) भेजा, जिसके बाद इज़राइल ने अपने दो फाइटर जेट हवा में तैनात कर दिए। हालांकि, बाद में विमान का मार्ग बदलकर उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा पर गहरे निशान छोड़ दिए हैं और कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Flydubai Flight 1073 में क्या हुआ?
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई। रिपोर्टों के अनुसार, विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे चला गया। कैप्टन मच्छार घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्रियों और अन्य पायलटों ने को-पायलट को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।


