Motihari Drowning Incident: बिहार के पूर्वी चंपारण में जितिया पर्व के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां तालाब में नहाते समय 4 बच्चियों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें दो सगी बहनें थीं। गांव वालों ने एक बच्ची को बचा लिया।
Jitiya Festival Accident: पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बंकट नुनिया टोली में जितिया पर्व के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। मोतिहारी सदर अस्पताल के मैनेजर कौशल किशोर दुबे ने बताया कि तालाब में नहाने के दौरान चार बच्चियों की डूबने से मौत हो गई।
हादसे की पूरी जानकारी
परिवार के साथ तालाब में नहाने गईं पांच बच्चियां अचानक गहरे पानी में जाने से डूबने लगीं। वहां मौजूद गांव वालों ने तुरंत पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने एक बच्ची को तो सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन चार अन्य बच्चियों की जान नहीं बचाई जा सकी। बाद में ग्रामीणों ने चारों के शव तालाब से बाहर निकाले।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चारों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
दरअसल, बंकट नुनिया टोली की महिलाएं जितिया के मौके पर तालाब में नहाने गई थीं। उनके साथ घर के बच्चे भी थे। नहाते समय जब पांच बच्चियां डूबने लगीं, तो लोगों ने शोर मचाया। आवाज सुनकर कुछ गांव वाले बच्चियों को बचाने के लिए तालाब में उतरे। हालांकि, वे सिर्फ एक बच्ची को ही बचा पाए और चार बच्चियों की डूबने से मौत हो गई।
मरने वाली बच्चियों में दो सगी बहनें थीं। मोतिहारी सदर अस्पताल के मैनेजर दुबे ने बताया, "पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बंकट में डूबने से चार बच्चियों की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।"
मृतकों की पहचान और पिता का दर्द
मरने वाली बच्चियों की पहचान बंकट नुनिया टोली के प्रमोद महतो की बेटियों- सोनोमती कुमारी (12) और फुलमती कुमारी (10), वीरेंद्र महतो की बेटी सोनाली कुमारी (11) और अच्छेलाल पासवान की बेटी प्रतिमा कुमारी (10) के रूप में हुई है।
इस खौफनाक मंजर को याद करते हुए प्रमोद महतो ने बताया कि बच्चियां घर की महिलाओं के साथ तालाब पर गई थीं। गांव के कुछ बच्चे नहाने के लिए तालाब में उतरे, तभी पांच बच्चियां डूबने लगीं। एक को बचा लिया गया, लेकिन उनकी दो बेटियों समेत चार बच्चियों की जान चली गई।
महतो ने बताया, "बछवाड़ा में पानी का स्तर काफी ज्यादा था। बच्चे जब बाहर थे, तभी वे उसमें डूब गए। कुल 4 बच्चे थे और उनमें से दो हमारी बेटियां थीं... एक बच्चा दौड़कर आया और चिल्लाने लगा कि वे डूब गए हैं, तब जाकर गांव वालों को पता चला।"
विधायक ने की मुआवजे की मांग
इस बीच, स्थानीय एलजेपी (रामविलास) विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजू तिवारी भी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। तिवारी ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए जिला प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद दी जाए।
