गुजरात का GCRI बना देश का कैंसर लाइफलाइन, आंकड़े खुद गवाही दे रहे
विश्व कैंसर दिवस पर GCRI ने देशभर के मरीजों का भरोसा जीता। 26,810+ नए मरीज, रोबोटिक सर्जरी, HIPEC, PET-CT और फ्री स्क्रीनिंग से हजारों को मिला नया जीवन। जानिए कैसे बना GCRI राष्ट्रीय कैंसर केंद्र।

विश्व कैंसर दिवस पर उम्मीद की कहानी: GCRI बना देश का भरोसेमंद कैंसर उपचार केंद्र
कैंसर-एक ऐसा शब्द, जो आज भी लाखों परिवारों के लिए डर, अनिश्चितता और संघर्ष का पर्याय है। लेकिन इन्हीं अंधेरों के बीच कुछ संस्थान ऐसे भी हैं, जो इलाज के साथ-साथ उम्मीद की रोशनी बनकर सामने आते हैं। गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI), अहमदाबाद ऐसा ही एक नाम बन चुका है, जिस पर अब सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश के मरीज भरोसा कर रहे हैं।
विश्व कैंसर दिवस 2026 के मौके पर जारी आंकड़े बताते हैं कि GCRI ने इलाज, तकनीक, शोध और शुरुआती पहचान, चारों मोर्चों पर खुद को एक राष्ट्रीय स्तर के कैंसर केंद्र के रूप में स्थापित कर लिया है।
वर्ष 2025 में GCRI में 26,810 से अधिक नए कैंसर मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 9,147 मरीज गुजरात के बाहर से आए, जो इस बात का प्रमाण है कि संस्थान अब एक मजबूत नेशनल रेफरल सेंटर बन चुका है।
बाहरी राज्यों से आने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या
- मध्य प्रदेश – 4,572
- राजस्थान – 2,678
- उत्तर प्रदेश – 1,094
- बिहार – 288
- महाराष्ट्र – 279
इन आंकड़ों से साफ है कि गंभीर और जटिल कैंसर मामलों में अब मरीज देश के अलग-अलग हिस्सों से GCRI की ओर रुख कर रहे हैं।
रोबोटिक सर्जरी और HIPEC से सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में नई दिशा
कैंसर सर्जरी के क्षेत्र में GCRI ने बीते कुछ वर्षों में बड़ी तकनीकी छलांग लगाई है।
- मात्र 6 महीनों में 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरीज़
- पिछले 3 वर्षों में 40 अत्याधुनिक HIPEC प्रोसीज़र्स
HIPEC यानी हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी एक बेहद जटिल प्रक्रिया है, जिसका उपयोग पेट में फैले कैंसर के इलाज में किया जाता है। देश के चुनिंदा संस्थानों में ही यह सुविधा उपलब्ध है, और अब GCRI भी उनमें शामिल हो चुका है। इससे मरीजों को बाहर के बड़े निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
PET-CT जांच में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, सटीक इलाज की ओर कदम
कैंसर की सही स्टेजिंग और इलाज की योजना के लिए PET-CT स्कैन को सबसे सटीक जांचों में गिना जाता है। GCRI में इस सुविधा का विस्तार तेज़ी से हुआ है।
- वर्ष 2021 में PET-CT स्कैन – 1,813
- वर्ष 2025 में PET-CT स्कैन – 6,333
यह बढ़ोतरी बताती है कि संस्थान में न सिर्फ मरीजों की संख्या बढ़ी है, बल्कि अत्याधुनिक जांच सुविधाओं तक उनकी पहुंच भी मजबूत हुई है।
2025 में इलाज के आंकड़े बताते हैं बढ़ता भरोसा
वर्ष 2025 GCRI के लिए गतिविधियों के लिहाज से भी बेहद अहम रहा।
- 2.59 लाख से अधिक OPD विज़िट्स
- 17,800 से ज्यादा सर्जरीज़, जिनमें 50 बोन मैरो ट्रांसप्लांट शामिल
- 50,130 से अधिक कीमोथेरेपीज़
- 5,852 रेडिएशन ट्रीटमेंट्स
- 24.6 लाख से अधिक लैब जांचें
ये आंकड़े बताते हैं कि GCRI केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि एक पूर्ण कैंसर केयर इकोसिस्टम के रूप में काम कर रहा है।
इलाज से पहले पहचान पर जोर, रोकथाम में भी बड़ी पहल
GCRI की खास बात यह है कि संस्थान इलाज के साथ-साथ कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान को भी प्राथमिकता देता है।
- वर्ष 2025 में गुजरात भर में 110 सामुदायिक स्क्रीनिंग कैंप, जिनमें 12,000 से अधिक लोग शामिल हुए
- अक्टूबर 2021 से संचालित ‘नो-कॉस्ट कैंसर स्क्रीनिंग OPD’ में अब तक 50,000 से ज्यादा लोगों की जांच
- इनमें 118 कैंसर मामलों की पहचान शुरुआती अवस्था में, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सका
इसके अलावा HIV संक्रमित महिलाओं के लिए चलाए गए HPV DNA स्क्रीनिंग कार्यक्रम में 1,400 से अधिक महिलाओं की जांच की गई, जहां कई मामलों में सर्विक्स कैंसर की शुरुआती अवस्था पकड़ी गई।
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