एक Gen Z कर्मचारी ने रेडिट पर नोटिस पीरियड में हुए शोषण का अनुभव साझा किया। कंपनी ने उससे देर रात तक काम कराया पर ओवर टाइम नहीं दिया। इस अनुभव से उसने सीखा कि काम से प्यार न करें और कभी irreplaceable न बनें।
अक्सर कहा जाता है कि कंपनी से नहीं, अपने काम से प्यार करो। क्योंकि पता नहीं कब कंपनी आपको दूध में से मक्खी की तरह निकालकर फेंक दे। अब ऐसी ही एक कहानी रेडिट पर वायरल हो रही है। एक Gen Z लड़के ने बताया कि कैसे नोटिस पीरियड के दौरान उसे बुरी तरह रगड़ा गया।
लड़के ने अपनी पोस्ट में बताया कि महीने के आखिर में उसे कुछ ज़रूरी काम अकेले ही निपटाने पड़े, क्योंकि उसका कोई बैकअप नहीं था। मैनेजमेंट को पता था कि सिर्फ वही ये काम कर सकता है (की-मैन रिस्क), फिर भी उन्होंने कोई दूसरा इंतज़ाम नहीं किया। जब उसने देर रात तक काम किया, तो कंपनी ने ओवर टाइम देने से भी मना कर दिया। तर्क ये दिया कि उसे किसी ने देर तक रुकने को कहा ही नहीं था। इस पर लड़के ने सवाल उठाया कि 'तो फिर मुझे इतना सारा काम दिया किसने?'
अपने इस बुरे अनुभव से उसने दो बड़े सबक सीखे, जो उसने शेयर भी किए: 'ऑफिस में कभी भी इतने ज़रूरी मत बनो कि तुम्हारे बिना काम ही न चले (irreplaceable) - ये पहला सबक है।' और 'कभी भी अपने काम से प्यार मत करो - ये दूसरा सबक है।'
लड़के ने ये भी माना कि उसे कंपनी में उसके काम के लिए उतनी पहचान नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी। हालांकि, वो पहले मिली मेंटरशिप और मौकों के लिए शुक्रगुजार है। उसने ये भी लिखा कि उसके साथ काम करने वाले लोग इन परेशानियों को गंभीरता से नहीं लेते और हल्के में लेते हैं। उसकी पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किए। ज़्यादातर लोगों ने कहा कि इस तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। कई यूज़र्स ने अपने साथ हुए ऐसे ही बुरे अनुभव भी शेयर किए।
