LPG Cylinder News :LPG गैस पर बढ़ता बोझ, क्या आने वाला है बड़ा फैसला? गैस सिलेंडर को लेकर सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा क्या है? सरकार को हर सिलेंडर पर 700 रुपये का नुकसान, आखिर कैसे? गैस सिलेंडर के पीछे छिपा है बड़ा घाटा, जानकर चौंक जाएंगे!
Petroleum Ministry : सरकार ने भले ही देश में एनर्जी मार्केट को स्थिर करने के लिए कई कदम उठाए हों, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) पर आर्थिक बोझ कम नहीं हो रहा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, कंपनियों को हर घरेलू LPG सिलेंडर पर अब भी करीब 700 रुपये का घाटा हो रहा है। सरकार की तरफ से दाम को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है, उससे ऐसे संकेत समझ में आ रहैं कि अब एक बार फिर से रसोई गैस के दाम बड़ सकते हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताई अंदर की बात
- गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "जहां तक घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर अंडर-रिकवरी (घाटे) की बात है, तो यह अभी भी लगभग 700 रुपये के आसपास है।"
- शर्मा ने LPG की मांग और सप्लाई के बीच के अंतर को कम करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गैस इम्पोर्ट करने की भी व्यवस्था की गई है।
- उन्होंने बताया, "इम्पोर्ट के अलावा जो सबसे अहम कदम उठाया गया है, वह है देश में LPG का उत्पादन बढ़ाना। अगर मैं आपको कल का डेटा दूं, तो देश के अलग-अलग सोर्स से करीब 54 TMT (हजार मीट्रिक टन) LPG निकाली गई।"
- सुजाता शर्मा के मुताबिक, हाल के दिनों में LPG की मांग में कमी आई है। इसकी कई वजहें हैं, जैसे- कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स का कम इस्तेमाल करना, बुकिंग साइकिल का बेहतर होना (25 दिन और 45 दिन) और टेक्नोलॉजी की मदद से डिलीवरी ऑथेंटिकेशन।
कमर्शियल और इंडस्ट्रियल LPG की खपत घटी
सुजाता शर्मा ने कहा, "मांग में कमी आई है क्योंकि हमारे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल LPG की खपत घटी है... दूसरा कारण बुकिंग पीरियड है जिसे हमने मैनेज किया है, और तीसरा कारण DAC (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) से जुड़ी डिलीवरी है।"
देश में कितना है पेट्रोल और गैस का स्टॉक
- मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद कच्चे तेल, LPG और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हमारी रिफाइनरियां भी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।"
- उन्होंने यह भी बताया कि LPG डिस्ट्रिब्यूशन में डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल भी बढ़ा है। उन्होंने कहा, "LPG डिस्ट्रिब्यूटरशिप पर कहीं भी सिलेंडर की कमी नहीं बताई गई है। करीब 99% बुकिंग अब ऑनलाइन हो रही हैं और 96% डिलीवरी, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए हो रही हैं।"
- मंत्रालय के अनुसार, पिछले तीन दिनों में 1.5 करोड़ सिलेंडर की बुकिंग हुई, जिसमें से 1.43 करोड़ सिलेंडर डिलीवर कर दिए गए।


