ग्रेटर नोएडा के PNB में बड़ी गड़बड़ी की शिकायत! चाय-समोसे बेचकर गुजारा करने वाली 60 वर्षीय संतोष के खाते से 1.18 करोड़ रुपये गायब होने का आरोप है। कम से कम 25 ग्राहकों ने भी खातों और FD में गड़बड़ी की शिकायत की। पुलिस जांच में जुटी, बैंक ने एक सप्ताह में पैसा लौटाने का आश्वासन दिया।
ग्रेटर नोएडा में बैंक खातों से बड़ी रकम गायब होने की शिकायतों ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा झकझोरने वाला मामला 60 साल की संतोष का है, जिन्होंने जिंदगीभर चाय और समोसे बेचकर गुजारा किया। जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले मिले मुआवजे से उनके खाते में 1.29 करोड़ रुपये जमा थे। लेकिन जब उनका बेटा पैसे निकालने पंजाब नेशनल बैंक पहुंचा, तो खाते में बड़ी रकम की कमी का पता चला। अब इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
चाय-समोसे बेचने वाली संतोष के खाते से 1.18 करोड़ गायब?
ग्रेटर नोएडा के बिरोंडा गांव की रहने वाली 60 वर्षीय संतोष के खाते में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के तौर पर 1.29 करोड़ रुपये जमा थे। परिवार के लिए यह रकम भविष्य की सबसे बड़ी आर्थिक सुरक्षा थी। मंगलवार को जब उनका बेटा पंजाब नेशनल बैंक की संबंधित शाखा में पैसे निकालने पहुंचा, तो उसे खाते में रकम नहीं होने की जानकारी मिली। संतोष का दावा है कि उनके खाते से करीब 1.18 करोड़ रुपये गायब हैं। इतनी बड़ी रकम में गड़बड़ी सामने आने के बाद परिवार सदमे में है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली-वाराणसी का सफर 3 घंटे कम! मुंबई-बेंगलुरु के लिए भी आ रही Vande Bharat Sleeper
सदमे में बिगड़ी बुजुर्ग महिला की तबीयत
खाते में जमा रकम को लेकर मिली जानकारी ने संतोष को गहरा झटका दिया। उनकी तबीयत बिगड़ गई और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बुधवार को वह अपनी बहन के साथ बैंक के बाहर पहुंचीं और अपने पैसे के बारे में जवाब मांगती रहीं। परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जमीन के मुआवजे के रूप में मिली इतनी बड़ी रकम आखिर कहां गई।
PNB की शाखा में 25 ग्राहकों ने की शिकायत
यह मामला सिर्फ संतोष तक सीमित नहीं है। पुलिस के मुताबिक, पंजाब नेशनल बैंक की ग्रेटर नोएडा स्थित इस शाखा में कम से कम 25 ग्राहकों ने अपने बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट में गड़बड़ी की शिकायत की है। कुछ ग्राहकों ने लाखों रुपये की कमी बताई है, जबकि कुछ के खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम प्रभावित होने का दावा है। हालांकि, कुल कितनी रकम में गड़बड़ी हुई है, इसका सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
पैसे निकालने से पहले सूचना देने का संदेश बना सवाल
पुलिस के अनुसार, कुछ ग्राहकों को कथित तौर पर फोन और संदेश मिले थे कि एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम निकालने के लिए चार से पांच दिन पहले बैंक को सूचना दें। एक ग्राहक को यह बात असामान्य लगी। उसने अपने खाते की जांच की तो बैलेंस में गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद दूसरे ग्राहकों ने भी अपने खातों और पासबुक की जांच कराई। कई लोगों ने रकम कम होने की शिकायत की और बैंक पहुंचकर अपना पैसा वापस मांगा।
पुलिस जांच में जुटी, बैंक ने भी मानी गड़बड़ी
ग्रेटर नोएडा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी-1) संचित शर्मा ने बताया कि ग्राहकों की शिकायतों की जांच की जा रही है। पुलिस अलग-अलग खातों और रकम से जुड़े तथ्यों को जुटा रही है। वहीं, बैंक के चीफ मैनेजर राकेश निगम ने मामले को घोटाला बताते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बैंक के सभी कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है। हालांकि, रकम में गड़बड़ी कैसे हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक सप्ताह में पैसा लौटाने का आश्वासन, अब इन सवालों पर नजर
बैंक प्रबंधन ने प्रभावित ग्राहकों को एक सप्ताह के भीतर पैसा लौटाने का आश्वासन दिया है। लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सभी ग्राहकों की कितनी रकम प्रभावित हुई है और कथित गड़बड़ी किस तरह हुई। अब पुलिस जांच के साथ-साथ ग्राहकों की नजर बैंक के आश्वासन पर है। संतोष जैसे लोगों के लिए यह सिर्फ जमा पूंजी का मामला नहीं, बल्कि उनकी जिंदगीभर की मेहनत और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
यह भी पढ़ें: वोट चोरी’ और संविधान पर आर-पार! 1 नवंबर को दिल्ली में क्या करने जा रहा INDIA ब्लॉक?




