राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक के मार्च में शामिल होने की अपील की। जानिए वोट चोरी, संविधान और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की क्या है रणनीति।
लोकतंत्र, संविधान और वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले इंडिया ब्लॉक के मार्च में शामिल होने के लिए देशवासियों से अपील की है। उन्होंने इस प्रदर्शन को किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का आंदोलन बताया है।
राहुल गांधी ने रामलीला मैदान मार्च के लिए किया आह्वान
राहुल गांधी ने 29 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर लोगों से ‘चलो दिल्ली रामलीला मार्च’ में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मार्च लोकतंत्र बचाने, कथित वोट चोरी रोकने और संविधान की रक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, इस आंदोलन में उन सभी लोगों को शामिल होना चाहिए जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना चाहते हैं।
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‘यह किसी पार्टी का नहीं, हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च’
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि यह मार्च किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे देश की आत्मा से जुड़ा आंदोलन बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर असंतोष जताने वाले लोगों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। राहुल के इस बयान से साफ है कि कांग्रेस इस मार्च के जरिए चुनावी प्रक्रिया और केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष की आवाज को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रही है।
छात्रों और युवा संगठनों से भी जुड़ने की अपील
राहुल गांधी ने छात्र संगठनों से खास तौर पर इस मार्च में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संबद्धता चाहे जो हो, अगर किसी को लगता है कि उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विचारों और सोचने के अधिकार पर खतरा है, तो उसे इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए। इस अपील के जरिए कांग्रेस युवाओं और छात्र संगठनों तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस और लाठीचार्ज को लेकर क्या बोले राहुल?
अपने वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से पुलिस या संभावित लाठीचार्ज की चिंता नहीं करने को कहा। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं करेगी। हालांकि, यह राहुल गांधी का राजनीतिक बयान है। मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर वास्तविक स्थिति संबंधित अधिकारियों के फैसलों पर निर्भर करेगी।
30 अक्टूबर को मॉक पार्लियामेंट की तैयारी
रामलीला मैदान में मार्च से पहले विपक्ष की ओर से 30 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने की तैयारी है। इस कार्यक्रम के दौरान विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ करने की योजना बना रहा है। यह पहल चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियों को राजनीतिक मंच पर उठाने की रणनीति का हिस्सा है।
1 नवंबर की रैली पर क्यों रहेंगी सबकी नजरें?
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाला इंडिया ब्लॉक का मार्च विपक्ष की एकजुटता और उसकी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए वोट चोरी के आरोप, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और संविधान की रक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता देना चाहती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्षी दलों के इस आह्वान पर कितनी भागीदारी होती है और मार्च के दौरान कौन से राजनीतिक संदेश सामने आते हैं। रैली के जरिए विपक्ष केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर अपने सवालों को कितनी मजबूती से उठाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
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