Madhya Pradesh Crime: ग्वालियर में चाकूबाजी का आरोपी महिला बन अस्पताल पहुंचा। उसका मकसद यह जानना था कि घायल मजदूर जिंदा है या नहीं। पीड़ित की पत्नी द्वारा पहचाने जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मजदूर को बेरहमी से चाकू मारने का आरोपी महिला का भेष धरकर अस्पताल पहुंच गया। उसका मकसद ये पता लगाना था कि जिस शख्स को उसने चाकू मारा, वो जिंदा है या मर गया। हालांकि, उसकी ये चालाकी काम नहीं आई और पीड़ित की पत्नी ने उसे पहचान लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी धर्मेंद्र भदौरिया ने शनिवार की रात गुढ़ा-गुढ़ी नाका के पास एक बहस के बाद 32 साल के मजदूर देवेंद्र मौर्य पर चाकू से हमला कर दिया था।

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इस हमले में देवेंद्र के सीने, पेट, गर्दन और हाथों पर चाकू के कई गहरे घाव आए। उन्हें गंभीर हालत में JAH अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई। पुलिस ने बताया कि धर्मेंद्र को डर था कि अगर देवेंद्र की मौत हो गई तो उस पर हत्या का केस चलेगा। इसी बात का पता लगाने के लिए और पुलिस से बचने के लिए, वो रविवार को सलवार-सूट पहनकर महिला के भेष में अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में घुस गया।

लेकिन, महिला के कपड़ों के बावजूद, देवेंद्र की पत्नी रचना मौर्य ने आरोपी को उसके डील-डौल (मस्कुलर बॉडी) से पहचान लिया और तुरंत शोर मचा दिया। जैसे ही धर्मेंद्र ने भागने की कोशिश की, अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस हंगामे के बीच, पीड़ित की पत्नी ने भी गुस्से में आरोपी पर हाथ उठा दिया।

पुलिस का कहना है कि ये पूरा विवाद शराब पीने के दौरान शुरू हुआ था। देवेंद्र और उसके साथी, धर्मेंद्र भदौरिया और पप्पू भदौरिया, काम के बाद बैठकर शराब पी रहे थे, तभी उनके बीच किसी बात पर झगड़ा हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने मिलकर देवेंद्र पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।

फिलहाल, धर्मेंद्र को हत्या की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में सह-आरोपी पप्पू भदौरिया का भी नाम दर्ज किया है, जो अभी फरार है। वहीं, अस्पताल में देवेंद्र का इलाज चल रहा है।