Hardoi School Principal Controversy: हरदोई के सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा का अभिभावक से बदसलूकी वाला वीडियो वायरल हो गया। पीड़ित मां ने भावुक होकर बताया कि वह सिर्फ 15 दिन की मोहलत मांगने गई थीं, लेकिन उन्हें अपमानित किया गया।
Hardoi Sunbeam School Principal Mamta Mishra: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल का वायरल वीडियो अब बड़े विवाद का रूप ले चुका है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में स्कूल की प्रिंसिपल एक महिला अभिभावक के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दे रही हैं। “यू शट अप” और अन्य अपशब्दों के बीच यह मामला अब सिर्फ स्कूल विवाद नहीं, बल्कि अभिभावकों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बन गया है। अब इस पूरे मामले में उस महिला अभिभावक ने अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई थी। भावुक होकर उन्होंने बताया कि आखिर उस दिन स्कूल में क्या हुआ था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला हरदोई शहर के एसपी तिराहे के पास स्थित सनबीम स्कूल से जुड़ा है। वायरल वीडियो में स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा एक महिला अभिभावक पर नाराज होती नजर आ रही हैं। वीडियो में वह अभिभावक को डांटते हुए, अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करती दिखाई देती हैं। इतना ही नहीं, बच्चे का नाम स्कूल से काटने तक की बात भी कही जाती है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने स्कूल प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
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मां ने सुनाई अपनी आपबीती
पीड़ित महिला नीलम ने बताया कि उनकी बेटी उसी स्कूल में पढ़ती है। वह सिर्फ प्रिंसिपल से विनम्रता से बात करने गई थीं, लेकिन उनके साथ बेहद खराब व्यवहार किया गया।
नीलम ने कहा, “मैं अपनी बेटी को सनबीम स्कूल में पढ़ाती हूं। मैं स्कूल गई थी, मैडम से बात करना चाहती थी। मेरे साथ बेहद बदतमीजी की गई और मुझे अपमानित किया गया। मैंने सिर्फ अपनी बात रखने की कोशिश की थी, लेकिन जवाब में डांट-फटकार और गलत व्यवहार मिला।”
उन्होंने आगे बताया कि बेटी की क्लास के लिए कुछ कॉपी-किताबें अभी बाकी थीं और उनके पति उस समय शहर में नहीं थे। “मैंने सिर्फ 15 दिन की मोहलत मांगी थी। मैंने कहा था कि बाकी कोर्स जल्द पूरा कर दूंगी, लेकिन उन्होंने बहुत ज्यादा बदतमीजी की और गाली-गलौज भी की।”
किताबों और फीस को लेकर बढ़ा विवाद
परिजनों का आरोप है कि स्कूल की ओर से तय दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया जाता है। महिला अभिभावक का कहना है कि वह आर्थिक और पारिवारिक कारणों से थोड़ी मोहलत चाहती थीं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें अपमानित किया गया। यही बात विवाद की मुख्य वजह मानी जा रही है।
स्कूल प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्या निजी स्कूलों में अभिभावकों के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार किया जा सकता है? क्या फीस और किताबों के नाम पर दबाव बनाना उचित है? स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
अब सबकी नजर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी है। लोगों का कहना है कि यदि इस तरह के मामलों में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो निजी स्कूलों की मनमानी और बढ़ सकती है। यह मामला सिर्फ एक अभिभावक और एक प्रिंसिपल के बीच का विवाद नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में संवेदनशीलता, संवाद और सम्मान की जरूरत को भी सामने लाता है। हरदोई का यह वीडियो अब एक बड़ा सवाल छोड़ गया है, क्या स्कूलों में बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता के सम्मान की भी उतनी ही कीमत है?
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