हरियाणा में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां रातों-रात 10,000 से ज़्यादा पेड़ काट दिए गए। जब एक फॉरेस्ट गार्ड ने इसकी शिकायत की, तो विभाग ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय गार्ड को ही सस्पेंड कर दिया।
हरियाणा के पंचकुला से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां खैर के जंगल में 10,000 से ज़्यादा पेड़ रातों-रात काट दिए गए। किसी को शक न हो, इसलिए चोरों ने 'साइलेंट कटर' का इस्तेमाल किया। खैर की लकड़ी बहुत कीमती होती है। इसे ले जाने के लिए गाड़ियों की जगह ऊंटों का इस्तेमाल किया गया ताकि कोई आवाज न हो। सबूत मिटाने के लिए पेड़ों के ठूंठ को भी आग लगा दी गई।
शिकायत करने वाले फॉरेस्ट गार्ड को ही मिली सस्पेंड होने की सज़ा
यह मामला फॉरेस्ट गार्ड विजय कुमार की नज़र में आया। उन्होंने इसकी शिकायत सीधे हरियाणा के वन मंत्री से की। लेकिन हैरानी की बात ये है कि मंत्री ने चोरों पर कार्रवाई करने के बजाय, शिकायत करने वाले फॉरेस्ट गार्ड विजय कुमार को ही सस्पेंड कर दिया। इस नाइंसाफी के खिलाफ अब विजय कुमार अकेले ही धरने पर बैठ गए हैं। आपको बता दें कि हरियाणा में पहले से ही जंगल बहुत कम हैं। पूरे राज्य में सिर्फ 3.25% ही वन क्षेत्र है। ऐसे में विभाग और मंत्री के इस कदम से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
अन्याय के खिलाफ फॉरेस्ट गार्ड विजय कुमार का अकेला संघर्ष
सस्पेंड हुए विजय कुमार ने कहा, 'मेरे पिता भी फॉरेस्ट गार्ड थे। इन पेड़ों को कटते देखना ऐसा है जैसे मेरे परिवार के किसी सदस्य को काट दिया गया हो।' अब विजय कुमार अकेले बैठकर इस अन्याय के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल हो गया है और लोग हरियाणा सरकार पर जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार में भ्रष्टाचार भरा पड़ा है। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि इस रफ्तार से तो हरियाणा जल्द ही रेगिस्तान बन जाएगा।


