पश्चिम बंगाल और केरल में 3 मंत्रियों की हार में 'मेसी फैक्टर' की चर्चा है। केरल में मेसी के मैच का वादा पूरा न होने और बंगाल में कार्यक्रम में अव्यवस्था के आरोपों के बाद ये मंत्री चुनाव हार गए।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कई मंत्रियों को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा। लेकिन इनमें से तीन मंत्रियों की हार के पीछे एक 'मेसी फैक्टर' की भी खूब चर्चा हो रही है। ये मंत्री पश्चिम बंगाल के दो और केरल के एक हैं।

केरल की तिरूर सीट पर खेल मंत्री और LDF उम्मीदवार वी। अब्दुर्रहमान को 24,137 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। उन्हें लीग पार्टी के कुरुक्कोली मोइदीन ने हराया। मोइदीन को 1,06,108 वोट मिले, जबकि अब्दुर्रहमान को सिर्फ 81,971 वोट ही मिल पाए। अब्दुर्रहमान ने फुटबॉल फैंस से वादा किया था कि लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना टीम अक्टूबर 2025 में केरल में एक इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच खेलेगी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि सरकार की तरफ से नियुक्त एक स्पॉन्सर ने RBI की मंजूरी से 1।6 करोड़ डॉलर (16 मिलियन डॉलर) की मैच फीस अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) को दे दी है। लेकिन, अप्रैल में अब्दुर्रहमान ने खुद आरोप लगाया कि मेसी और उनकी टीम ने राज्य का दौरा करने का वादा नहीं निभाया। उन्होंने यहां तक कहा कि अर्जेंटीना की फुटबॉल टीम ने धोखा दिया है।

इस मुद्दे ने तिरूर विधानसभा क्षेत्र में एक राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। हालांकि, अब्दुर्रहमान का कहना है कि इस मामले का जनता की राय पर कोई असर नहीं पड़ा। कुछ ऐसा ही अनुभव बंगाल के मंत्रियों का भी रहा। पश्चिम बंगाल में मंत्री सुजीत बोस और अरूप बिस्वास की हार के पीछे भी मेसी फैक्टर को एक वजह माना जा रहा है। बिधाननगर में TMC मंत्री सुजीत बोस को BJP के शरद्वत मुखर्जी ने 37,330 वोटों से हराया। वहीं, टॉलीगंज में पूर्व बिजली और आवास मंत्री अरूप बिस्वास को BJP उम्मीदवार पापिया अधिकारी ने 6,013 वोटों से शिकस्त दी।

अरूप बिस्वास को 13 दिसंबर, 2025 को साल्ट लेक स्टेडियम में हुए लियोनेल मेसी के एक कार्यक्रम से जुड़े विवाद के बाद खेल मंत्री का पद छोड़ना पड़ा था। कार्यक्रम के दौरान बिस्वास की मेसी को गले लगाते हुए और उनके परिवार के सदस्यों की मेसी के साथ तस्वीरें खिंचवाते हुए तस्वीरें वायरल हुई थीं, जिससे बड़ा विवाद हुआ। वहीं, 5,000 से 16,000 रुपये तक का टिकट खरीदकर गैलरी में पहुंचे फैंस मेसी को ठीक से देख भी नहीं पाए थे। इससे नाराज फैंस ने कुर्सियां फेंक दीं और स्टेडियम में टेंट और दूसरी चीजों को नुकसान पहुंचाया।

वहीं, मंत्री सुजीत बोस लेक टाउन के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब के अध्यक्ष थे। उन्होंने ही मेसी की 70 फुट ऊंची लोहे की विशाल मूर्ति बनवाई थी। कई लोगों ने आरोप लगाया कि बोस ने स्टेडियम में मूर्ति का अनावरण करके कार्यक्रम को 'हाइजैक' कर लिया, जिसकी वजह से मेसी हड़बड़ी में जल्दी चले गए। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों और सहयोगियों को साथ लाकर भीड़ बढ़ा दी। आयोजकों पर यह भी आरोप लगे कि उन्होंने पानी की एक बोतल के लिए 200 रुपये जैसी बेसिक चीजों के लिए भी बहुत ज्यादा पैसे वसूले।