हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेजस्विनी की रहस्यमयी मौत! कपड़े त्याग, मंदिर से मूर्ति ले तालाब में कूदी इंजीनियर। लाश मिली पर गायब मूर्ति में छिपा है मौत का खौफनाक राज? ₹1 लाख किराए वाले फ्लैट का क्या है रहस्य?
Hyderabad Engineer Death: भाग्यनगर (हैदराबाद) की टेक-दुनिया से एक ऐसी खौफनाक और रहस्यमयी खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ पुलिस महकमे के होश उड़ा दिए हैं, बल्कि आम जनता को भी सन्न कर दिया है। एक पढ़ी-लिखी सॉफ्टवेयर इंजीनियर, हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल, और फिर अचानक एक ऐसी रात जो खौफ और रहस्य की चादर ओढ़कर आई। एक महिला टेककर्मी की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस के सामने अब कई ऐसे सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।
आधी रात का वो खौफनाक मंजर: भक्ति या कोई गहरा राज?
चश्मदीदों और पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में जो कहानी सामने आई है, वह किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है। मृतक महिला की पहचान तेजस्विनी के रूप में हुई है, जो पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी। बताया जा रहा है कि अपनी मौत से कुछ ही पल पहले तेजस्विनी ने एक बेहद अजीब कदम उठाया। उसने अचानक अपने सारे कपड़े उतार दिए और बिना कपड़ों के पास ही स्थित एक मंदिर की ओर दौड़ पड़ी। वहां पहुंचकर उसने स्थापित देवी 'अम्मावरु' की पवित्र मूर्ति को उठाया और उसे लेकर पास के ही एक गहरे तालाब की तरफ बढ़ गई। रात के अंधेरे में नग्न अवस्था में मूर्ति लेकर भागती महिला को जिसने भी देखा, वह हैरान रह गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, तेजस्विनी मूर्ति समेत सीधे गहरे पानी में कूद गई।
शव मिला, लेकिन कहां गायब हो गई देवी की मूर्ति?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद तालाब से तेजस्विनी का बेजान शरीर तो बाहर निकाल लिया गया, लेकिन असली सस्पेंस यहीं से शुरू होता है। तेजस्विनी के हाथों में जो देवी अम्मावरु की मूर्ति थी, वह पानी में कहीं विलीन हो गई। पुलिस के मुताबिक, यह मूर्ति महज़ एक धार्मिक वस्तु नहीं, बल्कि इस पूरे मामले का सबसे अहम सबूत है। मूर्ति को खोजने के लिए डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (DRF) की टीमों को मैदान में उतारा गया है। तालाब में नावें, गोताखोर और आधुनिक उपकरण तैनात किए गए हैं, जो कीचड़ और गहरे पानी में उस गायब मूर्ति की तलाश कर रहे हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि मूर्ति की बरामदगी से इस घटना की आखिरी कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।
1 लाख रुपये महीना किराया: एक इंजीनियर का आलीशान और रहस्यमयी ठिकाना
जैसे-जैसे पुलिस तेजस्विनी की जिंदगी के पन्ने पलट रही है, मामले में नए और चौंकाने वाले मोड़ आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि तेजस्विनी जिस फ्लैट में रह रही थी, उसका किराया मामूली नहीं था। वह रोजाना करीब 3,500 रुपये के हिसाब से उस फ्लैट का भुगतान कर रही थी, जिसका मासिक खर्च लगभग 1 लाख रुपये बैठता है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का इतने महंगे किराए के मकान में रहना और वह भी एक ऐसी इमारत में जिसकी ऊपरी दो मंजिलों को कथित तौर पर अवैध रूप से एक 'लॉज' की तरह चलाया जा रहा था, कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अब उस प्रॉपर्टी के मालिकों और वहां आने-जाने वाले लोगों की कुंडली खंगाल रही है कि कहीं इस रहस्यमयी मौत के तार उस ठिकाने से तो नहीं जुड़े हैं।
सुसाइड नोट, वित्तीय रिकॉर्ड और वो आखिरी फोन कॉल
हालांकि शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर कोण से जांच कर रही है। पुलिस ने तेजस्विनी की मां अरुणा से लंबी पूछताछ की है। इसके अलावा, मृतका के पास से एक सुसाइड नोट (मौत से पहले का बयान) भी बरामद हुआ है, जिसकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। जांचकर्ता तेजस्विनी के पिछले कुछ दिनों के वित्तीय लेन-देन, उसके मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) और उसकी लोकेशन हिस्ट्री की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। क्या तेजस्विनी किसी मानसिक अवसाद से जूझ रही थी या फिर उसे किसी बड़ी साजिश के तहत इस आत्मघाती कदम के लिए मजबूर किया गया? इन सभी सवालों के जवाब के लिए पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों को खंगाल रही है। सच क्या है, यह तो विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
CCTV और फोरेंसिक जांच से खुलेगा सच?
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से घटनाओं का क्रम जोड़ने की कोशिश कर रही है। शुरुआती संकेत आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की जाएगी।
रहस्य अभी बाकी है?
तेजस्विनी की मौत ने कई अनुत्तरित सवाल छोड़ दिए हैं। मंदिर से मूर्ति ले जाने की वजह क्या थी? मूर्ति आखिर कहां गायब हुई? क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला था या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है? इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट पर निर्भर हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होती, इस रहस्यमयी मामले के कई पहलू अनसुलझे बने हुए हैं।


