Breaking Alert: माघ मेला के बीच प्रयागराज में भारतीय वायु सेना (IAF) का एक माइक्रोलाइट ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट हवा में डगमगाकर तालाब में गिर गया। पैराशूट से कूदे तीनों जवान सुरक्षित। शहर के बीच हुए इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए। 

Prayagraj Training Aircraft Crash: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे शहर को कुछ देर के लिए सन्न कर दिया। माघ मेला क्षेत्र से महज 2–3 किलोमीटर की दूरी पर भारतीय वायु सेना (IAF) का एक माइक्रोलाइट ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा 21 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12 बजे के आसपास हुआ, जब विमान हवा में संतुलन खो बैठा और शहर के बीच स्थित केपी कॉलेज के पीछे एक तालाब में जा गिरा। घटना का स्थान बेहद संवेदनशील है। आसपास स्कूल, रिहायशी कॉलोनियां और मेला क्षेत्र मौजूद हैं।

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हवा में क्या हुआ कि विमान डगमगा गया?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट सामान्य उड़ान पर था, तभी अचानक वह डगमगाने लगा। कुछ ही सेकंड में तेज आवाज सुनाई दी, जिसे लोगों ने “रॉकेट जैसी आवाज” बताया। इसके तुरंत बाद आसमान में पैराशूट खुलते दिखाई दिए, जिसने सभी को चौंका दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि विमान माघ मेला की दिशा से आता नजर आया और अचानक नीचे की ओर झुक गया।

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क्या सभी लोग सुरक्षित हैं?

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़े। तालाब में चारों तरफ जलकुंभी और दलदल था, जिससे हालात और मुश्किल हो गए। इसके बावजूद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए तालाब में कूदकर तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 3 जवान पैराशूट से कूदकर जान बचाने में सफल रहे( तीनों वर्दी में थे। उन्हें दलदल से बाहर निकाल लिया गया, हालांकि, विमान में कुल कितने लोग सवार थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या आ रही हैं दिक्कतें?

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। कुछ ही देर में सेना का हेलिकॉप्टर भी घटनास्थल पर पहुंचा, जो लगातार एरियल सर्वे कर रहा है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि तालाब में घनी जलकुंभी फैली हुई है और दलदल के कारण टीमों को एयरक्राफ्ट तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। इसी वजह से ऑपरेशन को बेहद सावधानी से अंजाम दिया जा रहा है।

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स्कूल के पास हादसा, बच्चों की जान कैसे बची?

घटनास्थल पर मौजूद शिक्षक मोहम्मद शाबिर ने बताया कि पास के स्कूल में बच्चे प्रैक्टिकल दे रहे थे। तभी उन्होंने तेज लाल रंग की झलक और फिर पैराशूट खुलते देखे। कुछ मिनट बाद विमान तालाब में गिर गया। यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि अगर विमान कुछ मीटर इधर-उधर गिरता, तो हालात कितने भयावह हो सकते थे। फिलहाल सेना और प्रशासन दोनों की टीमें मौके पर मौजूद हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि तकनीकी खराबी थी या कोई और कारण, विमान में और लोग सवार थे या नहीं और माघ मेला जैसे बड़े आयोजन के दौरान यह हादसा कैसे हुआ?